मुआवजा राशि की घोषणा अगली बैठक में होगी। इसमें एक माह तक का समय लग सकता है। सेक्शन 21 के तहत माल विभाग रिकॉर्ड में त्रुटियों को दूर करने के लिए आए हैं। उन्होंने दावा जताया कि वैसे तो माल विभाग 9 जनवरी तक सभी त्रुटियां दुरुस्त कर चुका है फिर भी कोई कमी रह गई है तो उसे दो दिन में ठीक कर दिया जाएगा।
पुनर्वास भत्ते को लेकर सरकार के नोटिफिकेशन में क्लेरिटी नहीं है। यह साफ होने के बाद गांव में बैठक कर भत्ते की घोषणा की जाएगी। गांव के सरपंच लखबीर सिंह का कहना है कि 191 परिवारों की जगह 61 परिवारों को पुनर्वास भत्ता देने के नोटिस दिए गए हैं। यह सरासर गलत है। किसान इसे सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस फोर्स भेजकर उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रही है लेकिन वह डरेंगे नहीं।
37 साल पहले मर चुके किसान साधु सिंह के नाम पर सेक्शन 21 का नोटिस भेजे जाने पर परिवार के सदस्य हैरान है। मृतक किसान के पोते प्रितपाल सिंह ने कहा कि माल विभाग ने अभी तक अपना रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया है। पुनर्वास के नाम पर हर परिवार को पांच लाख रुपये, एक सदस्य नौकरी या पेंशन के सवाल पर अश्वनी गंभीर ने कहा कि सरकार के पास देने को नौकरी नहीं है, एयरपोर्ट पर योग्यता के अनुसार नौकरी मिल सकती है। वहीं किसान बलविंदर सिंह ने मंच से कहा कि मर जाना मंजूर है लेकिन वह किसी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।
मुआवजा राशि तय करना सरकार का काम है। वह किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे। अगली बैठक में मुआवजा राशि की घोषणा होगी। इसके अलावा किसानों की स्टांप ड्यूटी और मोटर कनेक्शन चेंज करने पर कोई फीस नहीं ली जाएगी। -भूपिंदर सिंह, एसीए गलाडा