चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी दफ्तर के बाहर शुक्रवार को शिक्षकों का धरना 104वें दिन भी जारी रहा। शिक्षक सातवें वेतनमान की सिफारिशों के अनुसार वेतनमान में संशोधन के बाद अपने लंबित बकाया राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। पिछले साढ़े सात साल से अधिक समय का बकाया है। यूबीएस के डॉ. कुलविंदर सिंह ने कहा कि नामांकित और निर्वाचित दोनों शिक्षक सीनेटरों को विरोध में शामिल होना चाहिए और बकाया राशि के शीघ्र भुगतान के लिए दबाव बनाने में मदद करनी चाहिए। डॉ. कुलविंदर ने सीनेटरों को उस समय की याद दिलाई जब प्रो. राजकुमार के कार्यकाल के दौरान सीनेट चुनावों को बार-बार स्थगित करने के विरोध में शिक्षक उनके साथ शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि सिंडिकेट और सीनेट को अपने अधिकार का उपयोग करना चाहिए और बकाया राशि को जारी करवाने के लिए मजबूत और प्रभावी तंत्र तैयार करना चाहिए। पंजाबी विभाग के डॉ. हरमेल सिंह ने कहा कि परिसर के अंदर नकारात्मक ताकतें शिक्षकों के विरोध को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं और नवनिर्वाचित पुटा अपने कार्यकाल के पहले महीने में ही फिर से चुप और अदृश्य हो गई हैं।