शिक्षक भर्ती घोटाले में मुख्य आरोपियों में से एक सत्येंद्र हुड्डा को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसके साथियों ने हमला कर दिया और हुड्डा को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा ले गए।
एसआईटी ने गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को रोहतक के सांपला में सत्येंद्र हुड्डा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। पुलिस के जाल में हुड्डा फंस भी गया था लेकिन आखिरी वक्त पर उसके चार साथियों ने हमला कर आरोपी को छुड़ा लिया और उसको लेकर फरार हो गए। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ सांपला थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी है।
जानकारी के मुताबिक टीचर भर्ती घोटाले में संदिग्ध आरोपी सतेंद्र हुड्डा को यूटी पुलिस की पांच सदस्यीय टीम रोहतक लेकर गई हुई थी। शनिवार को एसआईटी ने सत्येंद्र हुड्डा को रोहतक के एक गांव सांपला के पास दबोच भी लिया था। पुलिस हुड्डा को चंडीगढ़ लाने की तैयारी कर रही थी कि तभी हुड्डा के चार साथियों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। हालांकि इस वारदात पुलिस वालों को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं। वारदात केबाद वहां पास के पुलिस थाने में हुड्डा व उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। पुलिस टीम अभी रोहतक में ही है और रविवार तक वापस आ जाएगी। वहीं मामले की जानकारी यूटी पुलिस के आला अफसरों तक भी पहुंच गई है।
शिक्षक भर्ती घोटाले का आरोपी है सत्येंद्र, सांपला से किया था गिरफ्तार
गिरफ्तार
- फोटो : file photo
एसआईटी की जांच में सामने आया था कि सत्येंद्र हुड्डा को सोनीपत,सुरेश यादव को नजफगढ़,रविंद्र को रेवाड़ी और बृजेंद्र नैन को हिसार से शिक्षक भर्ती के लिए पैसे देने वाले कैंडिडेट्स की पहचान कर उनसे पैसे लेकर मामले की मुख्य आरोपी मिथिलेश तक पैसे पहुंचाने की जिम्मेवारी दी गई थी।
इस जानकारी के बाद से ही पुलिस टीम सत्येंद्र हुड्डा , सुरेश यादव और रविंद्र के पीछे लगी हुई है। पुलिस ने बृजेंद्र नैन को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस को उम्मीद है कि हुड्डा की गिरफ्तारी के बाद वह घोटाले के मुख्य आरोपी मिथिलेश पांडे उर्फ गुरू जी तक पहुंच सकती है।
एसआईटी के पास पक़ड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद जेबीटी के साथ टीजीटी टीचरों के नाम भी सामने आए हैं। जिसके बाद मामले में उनकी भी जल्द गिरफ्तारियां हो सकती है। एसआईटी को शक है कि भर्ती घोटाले में संदिग्ध टीचरों की संख्या सैकड़ों में है। अब तक पुलिस के सामने करीब 40 जेबीटी व टीजीटी के नाम सामने आ चुके हैं।