चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय समेत 196 कॉलेजों के शिक्षक मूल्यांकन बहिष्कार पर हैं। लगातार काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन पीयू अभी तक परिणाम समय पर देने के लिए रास्ता नहीं निकाल पाई है। अब तो अफसर भी छात्रों के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
शिक्षकों की मांग है कि उन्हें छठे वेतनमान का लाभ यूजीसी पे स्केल के साथ दिया जाए। इसे लेकर वह मूल्यांकन बहिष्कार पर हैं। लगभग एक सप्ताह से परीक्षा की कॉपियां चेक नहीं हो पा रही हैं। अगर ऐसा ही रहा तो इससे परिणाम देने में एक से दो माह की देरी हो सकती है। छात्रों का कहना है कि पीयू को इसका रास्ता निकालकर मूल्यांकन कार्य करवाना चाहिए, ताकि छात्रों को परिणाम समय पर मिल सकें। अगर परिणाम देरी से जारी हुआ तो छात्र नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। इतना ही नहीं, दूसरे विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने में भी उन्हें दिक्कतें होंगी, क्योंकि आवेदन की तिथियां निकल चुकी होंगी। साथ ही जिन विद्यार्थियों की नौकरियां लगी हैं, उन पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में पीयू को जल्द से जल्द रास्ता निकालना चाहिए। छात्रों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी तो फोन तक नहीं उठाते हैं।