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Chandigarh News: क्षत्रियों के इतिहास से छेड़छाड़ मंजूर नहीं, कल्याण बोर्ड का हो गठन

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क्षत्रिय स्वाभिमान संघर्ष समिति ने कहा, सम्राट मिहिर भोज विवाद पर गठित कमेटी का जल्द निष्कर्ष निकाला जाए
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। क्षत्रिय स्वाभिमान संघर्ष समिति हरियाणा ने क्षत्रिय समाज के हितों की रक्षा के लिये ‘क्षत्रिय कल्याण बोर्ड’ का गठन और हरियाणा में जातिगत जनगणना की मांग उठाई। इस मौके पर समिति के वरिष्ठ सदस्य विनोद कुमार थंबर और कर्नल देवेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रदेश में महापुरुषों के इतिहास के साथ जो छेड़छाड़ हो रही है उस पर प्रदेश व केंद्र सरकार तुरंत प्रभाव से रोक लगाए। साथ ही इस दिशा में क्षेत्रीय कल्याण बोर्ड के गठन के बाद सरकार ऐसे कानून बनाये जो कि क्षत्रिय महापुरुषों के इतिहास को जाति के नाम पर बदलने की कोशिश करे तो उसे गैर जमानती अपराध घोषित किया जाये। उन्होंने बताया कि गत दिनों सम्राट मिहिर भोज के नामकरण से गरमाई राजनीति के चलते क्षत्रिय समाज चिंतित है। प्रदेश में नामकरण को लेकर गुर्जर और राजपूत समुदाय के बीच उत्पन्न हुए विवाद को देखते हुए जो कमेटी गठित की गई थी उसका जल्द निष्कर्ष निकाला जाय जिससे इतिहास में सम्राट मिहिर भोज का समाज में सम्मान कायम रहे। समिति ने यह भी मांग रखी की कैथल जिला अध्यक्ष अशोक गुज्जर को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए और उन पर पद के दुरुपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई की जाय। मांग की है कि जिन अधिकारियों ने सम्राट मिहिर भोज प्रकरण को लेकर क्षत्रिय समाज के युवाओं पर लाठीचार्ज करवाया उन्हें बर्खास्त किया जाय। जबकि क्षत्रिय हिंदू सम्राट मिहिर भोज जी को विवादित जातीय पहचान बनाकर गुर्जर शब्द लिखा गया है उसे हटाकर महापुरुष का सम्मान बहाल किया जाये। समाज ने यह भी मांग की कि पूर्व हरियाणा सरकार के वादे के अनुसार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप चेयर की घोषणा की गई थी जिसे अब क्षत्रिय कल्याण बोर्ड के गठन के बाद विचार विमर्श कर उसे जल्द स्थापित किया जाय।
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