-अकाली दल और कांग्रेस आमने-सामने, छत निर्माण पर राजनीतिक संघर्ष
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कंवरपाल
हलवारा। मुगल काल में बने रायकोट के ऐतिहासिक तलवंडी गेट की नई छत बनवाने को लेकर अकाली दल नेता और पूर्व नगर काउंसिल प्रधान अमनदीप सिंह गिल और कांग्रेस के मौजूदा प्रधान सुदर्शन जोशी आमने-सामने आ गए। मंगलवार देर रात दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। नतीजा, गेट के आसपास तनावपूर्ण माहौल पैदा हो गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
अमनदीप सिंह गिल ने आरोप लगाया कि गेट की पुरातन संदूकी छत को नजरअंदाज कर लैंटर डालने की तैयारी की गई। उन्होंने कहा कि पहले ही कुतबा और कमेटी गेट पर टाइल लगाकर पुरातन दिखावट खत्म कर दी गई थी। उन्होंने हाई कोर्ट और पुरातत्व विभाग से चारों ऐतिहासिक गेटों को संरक्षण में लेकर पुनः संदूकी छत के साथ बनाने की मांग की। सुदर्शन जोशी ने बताया कि फंड की कमी के कारण उन्होंने समाजसेवी और निजी योगदान से छत बनवाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल सितंबर में गेट की जर्जर छत गिर गई थी, जिससे बाजार और स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही थी। नगर काउंसिल के इओ चरणजीत सिंह ने बताया कि कुछ समाजसेवी तलवंडी गेट की छत डलवा रहे हैं। ठेकेदार जसमेल सिंह ने कहा कि काम शुरू किया था लेकिन विरोध के कारण रुक गया और अब भुगतान की चिंता है।
1648 में बनवाया गया
तलवंडी गेट मुगल नवाब राय अहमद द्वारा 1648 में बनवाया गया। चारों गेटों की ऐतिहासिक संदूकी छत और नानकशाही ईंटें शहर की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। 1705 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी रायकोट पहुंचे थे जहां उनका स्वागत तत्कालीन नवाब राय कल्ला ने किया। रायकोट शहर में ऐतिहासिक गेट की सुरक्षा और पुरातन स्वरूप को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव बरकरार है।