मतदान केंद्र जाने से पहले ही अपने मोबाइल से क्यूयूई लिखकर 9216164606 नंबर पर एसएमएस करके जानकारी ली जा सकती है। यही नहीं एसएमएस से ही पोलिंग स्टेशन की जानकारी भी मिल जाएगी। जैसे ही लाइन 10 लोगों तक पहुंचेगी, आपको सूचना मिल जाएगी। लेकिन इसका पूरा ध्यान रहे कि मतदान केंद्रों यानी पोलिंग बूथ पर मोबाइल पूरी तरह बैन है। इसलिए यह एसएमएस आपको अपने घर से ही करना होगा। न कि पोलिंग बूथ पहुंचने के बाद। अगर आप मोबाइल लेकर पोलिंग बूथ पहुंचते हैं तो आपको बाहर ही रोक लिया जाएगा।
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टाइमिंग का ध्यान जरूर रखें
कल यानी बृहस्पतिवार को दिल्ली-एनसीआर की ग्यारहों लोकसभा सीटों पर वोटिंग होने वाली है। मतदाता को किसी भी तरह की दिक्कत ना आए इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार वोटरों की सुविधा के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं। मतदान का समय दो घंटे बढ़ा दिया गया है।
किसी भी तरह का बैग न लेकर जाएं
मतदान केद्रों पर लगेज बैग ही नहीं छोटे-बड़े हर तरह के बैग बैन कर दिए गए हैं। ऐसे में अगर आप मतदान केंद्रों पर किसी तरह का कोई बैग लेकर पहुंचते हैं तो बाहर ही रोक दिए जाएंगे। बहुत मुमकिन है कि आप अपना बहुमूल्य वोट न डाल पाएं। इसके अलावा हर पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं के दिशा-निर्देश सफेद और नीले रंग में होने। लाइट की पर्याप्त व्यवस्था होगी। मतदाताओं के बैठने के लिए कुर्सियां होंगी। पीने का पानी होगा। वरिष्ठ नागरिकों को, विकलांग व दृष्टिहीनों के लिए खास व्यवस्था होगी।
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वोटर कार्ड नहीं तो ऐसे डालेंगे वोट
फोटो वाली स्लिप बांटने का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वहीं, जिनके पास स्लिप नहीं पहुंची है, वे दूसरे दस्तावेज दिखाकर वोट डाल सकते हैं। चुनाव आयोग ने इसके लिए 12 अन्य दस्तावेज को मंजूरी दे रखी है। ये दस्वाजे हैं-पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र, पैन कार्ड, फोटो वाली पासबुक, पोस्ट ऑफिस पासबुक, आधार, स्मार्ट कार्ड (नेशनल पापुलेशन रजिस्टर द्वारा जारी) मनरेगा जॉब कार्ड, हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड, पेंशन दस्तावेज फोटो वाला।
मतदान केंद्र पर हर सुविधा उपलब्ध होगी मतदाताओं को इस बार मतदान केंद्रों पर नया अनुभव मिलेगा। हर विधानसभा क्षेत्र में एक मॉडल मतदान केंद्र तैयार किया गया है। वेटिंग रूम और मेडिकल सहित कई सुविधाएं होंगी। वॉशरूम की सुविधा मिलेगी। ठंडा पानी पीने को मिलेगा।
मतदान केंद्र में होंगे हेल्प डेस्क
मतदान केंद्रों में हेल्प डेस्क लगे होंगे जो मतदाताओं का मार्गदर्शन करेंगे। हर मतदान केंद्र पर एनएसएस स्वयंसेवक लोगों की मदद के लिए मौजूद रहेंगे। मतदान केंद्रों में निशक्तों के लिए रैंप बनाए गए हैं। बुजुर्गों के लिए वेटिंग रूम होगा। उन्हें घर से लाने का भी इंतजाम होगा। जो भी व्हील चेयर की मांग करेगा, उसे उपलब्ध कराई जाएगी।
167 मतदान केंद्रों पर वेब कास्टिंग चुनाव विभाग ने शहर के 167 संवेदनशील मतदान केंद्रों में वेब कास्टिंग के लिए कैमरे लगाए हैं। इन मतदान केंद्रों की पल-पल की जानकारी चुनाव विभाग के अधिकारी अपने ऑफिस में ले पाएंगे। पहली बार वेब कास्टिंग का इंतजाम किया गया है। बाकी के सभी मतदान केंद्रों में वीडियोग्राफी होगी।
हर पांच मिनट में वोटिंग अपडेट चुनाव विभाग ने इस बार ई पॉल मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है, जिसके तहत हर पांच मिनट बाद यह पता चलेगा कि कितने लोगों ने मतदान किया है। जैसे ही कोई वोट डालेगा सिस्टम में उसका नाम जुड़ जाएगा। साथ ही जानकारी मिलेगी कि किस बूथ में कितना मतदान हुआ। कितनी महिलाओं, पुरुषों या युवाओं ने वोट डाले। मतदान के प्रतिशत का ग्राफ हर मिनट बदलेगा। इस बार चुनाव की प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत होगी।
यूटी प्रशासन के चुनाव विभाग ने 20 मतदाता केंद्रों के मतदाताओं को दी जाने वाली वोटर स्लिप में बार कोड दिया गया है। स्लिप पर बार कोड होने से मतदाताओं की पूरी जानकारी क्लिक करते ही मिल जाएगी।
उम्मीदवार पसंद नहीं तो नोटा इस बार मतदाताओं को नोटा का विकल्प भी दिया जा रहा है। अगर, किसी मतदाता को कोई भी उम्मीदवार पसंद नहीं आता है तो वह नोटा का इस्तेमाल कर सकता है। नोटा यानी नन ऑफ द अबव।
2472 कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में प्रशासन ने 2472 कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया है। साथ ही 3848 पुलिस कर्मचारी चुनाव ड्यूटी देंगे। सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स की तीन कंपनियों के अलावा 18 डीएसपी और तीन एसपी को ड्यूटी पर तैनात किया गया है। महिलाओं को हालांकि प्रिसाइडिंग अफसर नहीं बनाया गया है। पोलिंग स्टाफ को बुधवार को ईवीएम दे दी गई।