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एक्शन में आए चाचा छक्कन तो दर्शक लोटपोट, देखिए एक कमाल का नाटक

Tue, 16 May 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एक्शन में आए चाचा छक्कन तो दर्शक लोटपोट
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‘ये चार मोजे हैं, दो जोड़ी मोजे नहीं। आप तो ऐेसे ही कह रहीं हैं... ऐसे तो आप छह बच्चों को तीन जोड़ी बच्चे कहेंगी।’ यह डायलाग है चाचा छक्कन का। लखनऊ से पढ़े लिखे छक्कन चाचा खुद को सबसे श्रेष्ठ समझते हैं और यही चाचा छक्कन जब टैगोर थिएटर के मंच पर उतरे तो दर्शक हंसते-हंसते बेहाल हो गए। चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की ओर से सोमवार को मंचित किए गए नाटक में चाचा छक्कन की इसी श्रेष्ठता ने सभी का खूब मनोरंजन किया। 
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पेरॉज ट्रुप के डॉ. सईद आलम और प्रो. दानिश इकबाल के लिखे और डॉ. सईद इकबाल का निर्देशित यह नाटक एक ऐसे शख्स की कहानी है जो कि लखनऊ में पैदा हुआ है। वह खुद को सबसे ज्यादा बुद्धिमान समझते हैं। उनकी आदत है कि वह हरेक के काम में टांग अड़ाते हैं। हालांकि जो उनका काम होता है वह उसे भी करते हैं और जो नहीं होता उसे भी करते हैं। उनका बेटा वाशरूम में स्नान के लिए जाता है तो उसको बार बार निकलने के लिए कहते हैं और खुद पहले स्नान करना चाहते हैं, क्योंकि वह खुद को सर्वश्रेष्ठ समझते हैं। 
इसी तरह धोबन आती है तो कपड़े खुद उसको देते हैं।

धोबन कहती है कि उनके 19 कपड़े हैं तो चाचा कहते हैं कि 21 कपड़े हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि धोबन दो जोड़ी मोजे बताती है और चाचा कहते हैं कि चार मोेजे दिए हैं। इतना ही नहीं, यदि चाचा सुबह तीन बजे जाग जाते हैं तो उनको लगता है कि पूरे शहर को जाग जाना चाहिए। इसी चक्कर में चाचा की अपने घर में झगड़ा होता रहता है। इस नाटक में डॉ. सईद आलम ने शानदार ढंग से चाचा छक्कन की भूमिका निभाई है। 
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यह हैं कलाकार : नीति फूल, जसकिरण चोपड़ा, राजेश कुमार, साहिर डागर, साहिल जैन और समन सलमान।
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