हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा है कि सतलुज-यमुना लिंक नहर तो बनकर ही रहेगी। इसे कोई नहीं रोक सकता। देश में कानून का राज है और सभी को संविधान का पालन करना ही होगा। धनखड़ मंगलवार को सीआईआई के एग्रो टेक-2016 के समापन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
पत्रकारों के साथ बातचीत में पंजाब की ओर से एसवाईएल के निर्माण के लिए अधिग्रहण की गई भूमि किसानों को लौटा दिए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर धनखड़ ने कहा कि पंजाब को बड़े भाई की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही पानी की कमी हो, लेकिन पंजाब के कम पानी में भी हरियाणा का हिस्सा बनता है।
धनखड़ ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह इस्तीफे के नाम पर सिर्फ ड्रामेबाजी कर रहे हैं। उन्हें इतना ही दुख है तो वे पंजाब विधानसभा का चुनाव ही न लड़ें। धनखड़ ने कहा कि दस साल तक कांग्रेस का शासन रहा, तब एसवाईएल को लेकर कोई काम क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब की जिद के कारण बीते 32 साल से हरियाणा को पानी की कमी से हर साल 1000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। अगर आज हरियाणा अलग नहीं होता तो क्या पंजाब मौजूदा हरियाणा के दक्षिणी हिस्से को पानी नहीं देता?
‘पाक से प्यार, हरियाणा को इनकार’
मंत्री ओपी धनखड़
- फोटो : File Photo
नोटबंदी के कारण किसानों को हो रही कठिनाई के बारे में पूछे गए सवाल पर धनखड़ ने कहा कि हरियाणा में 81 फीसदी बिजाई का काम पूरा हो चुका है। किसानों को 25 हजार रुपये बैंक खातों से निकालने की सुविधा दी गई है। नोटबंदी से किसानों को कोई कठिनाई नहीं आने दी जाएगी।
‘पाक से प्यार, हरियाणा को इनकार’
चंडीगढ़। धनखड़ ने कहा कि पंजाब के लिए शर्म की बात है कि भारत के खिलाफ आतंक को बढ़ावा दे रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान को तो पानी दे रहा है, लेकिन उससे ही अलग हुए हरियाणा को मना कर रहा है। पंजाब की हर नदी के पानी पर हरियाणा का हक है। पंजाब का हरियाणा से पानी की रॉयल्टी मांगना हास्यस्पद है।
बंटवारा तो घरों में भी होता है, वहां कौन एक भाई-दूसरे से पहले इस्तेमाल किए गए पानी का बिल मांगता है। धनखड़ ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एसवाईएल और नोटबंदी के मामले पर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल गैर-विश्वसनीय नेता हैं, उनकी बातों को ज्यादा तवज्जो नहीं देनी चाहिए।