पानी के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के बीच चल रही जंग वीरवार को विधानसभा के गलियारों तक पहुंच गई। हरियाणा के इनेलो विधायकों ने नारेबाजी करते हुए पंजाब विधानसभा में घुसने की कोशिश की। जवाब में पंजाब के कांग्रेस विधायकों ने भी हरियाणा विधानसभा केबाहर खूब नारेबाजी की।
पंजाब विधानसभा की कार्यवाही चल रही थी। इसी दौरान करीब 11.40 बजे हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला की अगुवाई में इनेलो विधायक नारेबाजी करते हुए पंजाब विधानसभा के बाहर पहुंचे। देखते ही देखते सुरक्षाकर्मियों ने घेरा बना लिया। उसके बाद इनेलो विधायकों ने जबरन पंजाब विधानसभा में घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उनकी कोशिश नाकाम कर दी। इस दौरान विधायकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। उन्होंने केंद्र सरकार केखिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस बीच पंजाब विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। उसके बाद चौटाला और कुछ विधायक पंजाब विधानसभा के स्पीकर डॉ. चरनजीत सिंह अटवाल से मिलने गए। चौटाला ने पंजाब विधानसभा की ओर से पारित एसवाईएल की जमीन किसानों को वापस करने संबंधी बिल पर आपत्ति जताई और इसे गैर-लोकतांत्रिक बताया।
इस बीच पंजाब के कांग्रेस विधायकों को खबर लगी कि इनेलो विधायकों ने पंजाब विधानसभा के बाहर हंगामा किया है तो वे भी आक्रामक मूड में आ गए। कांग्रेस विधायकों ने भी हरियाणा विधानसभा केबाहर पहुंच कर काफी देर नारेबाजी की।
पंजाब विधानसभा ने पास किया निंदा प्रस्ताव
इनेलो विधायकों के हंगामे को लेकर पंजाब विधानसभा ने निंदा प्रस्ताव पास किया। संसदीय कार्य मंत्री मदन मोहन मित्तल प्रस्ताव लेकर आए। जिसमें कहा गया था कि इनेलो विधायक लॉबी क्रास कर पंजाब विधानसभा की तरफ आए। गेट से दाखिल होने की कोशिश की, नारेबाजी की और विधानसभा की कार्यवाही में विघ्न डाला।
सदन इसकी निंदा करता है और इसकी एक कॉपी हरियाणा विधानसभा केस्पीकर को भेजने की सिफारिश करता है ताकि संबंधित मेंबरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके। मित्तल ने कहा कि यह चिंता का विषय है। हर विधानसभा को लोकतांत्रिक तरीके से अपने कानून पास करने का अधिकार है। कांग्रेस ने विरोध करते हुए प्रस्ताव पर बहस के लिए समय मांगा। सीएलपी लीडर चन्नी ने कहा कि पहले हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के नाम पर गुजरात की तरह पंजाबियों को निशाना बनाया।
इस पर भाजपा ने आपत्ति जताई। चन्नी ने इस घटना को पंजाब की इंटेलीजेंस की विफलता बताया। सुनील जाखड़ ने कहा कि इनेलो विधायकों ने प्रधानमंत्री और भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। बिक्रम मजीठिया ने विपक्ष पर हमला बोला तो कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। स्पीकर के समझाने के बाद वे वापस सीटों पर गए। विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित की गई।