पंजाब सरकार ने सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन वापस देने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। इसके तहत शुक्रवार शाम तक राजपुरा, रोपड़ और खरड़ के 62 गांवों के किसानों के नाम इंतकाल कर दिया गया।
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तहसील कांप्लेक्स में राजपुरा और घनौर के 46 गांवों की 1528 एकड़ अधिग्रहित किसानों की जमीन के इंतकाल की प्रक्रिया शुरू की गई। इस अभियान के तहत डीसी पटियाला रामवीर सिंह व एसडीएम राजपुरा हरप्रीत सिंह सूदन ने पटवारियों को हिदायत जारी करते हुए कहा कि जिन किसानों की जमीन एसवाईएल नहर में आती है, राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम पर जमीन दर्ज कर दी जाए।
सिंचाई विभाग के सचिव काहन सिंह पन्नू ने जमीन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसके बाद वीरवार से जिला प्रशासन ने जमीन मालिकों की सूची तैयार कर इंतकाल चढ़ाने शुरू कर दिए। शुक्रवार शाम तक करीब 11 गांवों के किसानों के नाम जमीन कर दी गई। यह प्रक्रिया देर रात तक जारी थी। तहसीलदार हीरालाल नफरी व नायब तहसीलदार सतीश कुमार वर्मा का कहना है कि आदेशों के मुताबिक सर्वे करवाकर इंतकाल चढ़ाए जा रहे हैं। बाकी का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
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1231 किसान फिर हुए मालिक
सतलुज यमुना लिंक नहर
- फोटो : फाइल फोटो
शुक्रवार शाम तक खरड़ तहसील के 1231 किसानों के नाम इंतकाल की कार्रवाई की गई। कुल 14 गांवों की 675 से 700 एकड़ के करीब अधिग्रहीत की गई थी। माल विभाग के मुताबिक, जमीन के रिकॉर्ड संबंधी काम को मैनुअल कर दिया गया है जबकि कंप्यूटरीकरण का काम शनिवार तक पूरा कर लिया जाएगा। नायब तहसीलदार सतिंदर पाल सिंह राणिके ने कहा कि काम जोरों पर चल रहा है।
1231 के करीब जमीन मालिकों के नाम रिकॉर्ड चढ़ा दिए गए हैं। इस दौरान मजात, टोडर माजरा, बत्ता, सिल्ल कपड़ा, बीबीपुर, धड़ाक खुर्द, बासियां, धबाली, मलकपुर, महिदूदपुर, रोड़ा, सोतल व सिल के किसानों के नाम जमीन की गई है।
पंजाब सरकार के दिशा-निर्देश पर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर किसानों की जमीन वापसी पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पटवारियों को जांच-पड़ताल करने और इंतकाल की हिदायतें जारी की गई हैं। इसके चलते राजस्व रिकॉर्ड में उन सभी किसानों के नाम दर्ज करवाए जा रहे हैं, जिनकी जमीन एसवाईएल नहर के लिए अधिग्रहीत की गई थी।
हरप्रीत सिंह सूदन, एसडीएम
माल विभाग ने 24 घंटों में किसानों के नाम कर दी। जिले से करीब 40 गांवों की 1250 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। विभाग ने दो गांवों को छोड़कर शुक्रवार देर शाम तक विभाग ने तीन हजार के करीब किसानों की जमीन उनके नाम पर तब्दील कर दी। विभाग के 50 से भी ज्यादा कर्मचारियों ने इसके लिए लगातार काम किया।
इस दौरान रोपड़ के 38 गांव की जमीन किसानों के नाम तब्दील हो गई जबकि श्री आनंदपुर साहिब के आठ में से सात गांवों की जमीन और श्री चमकौर साहिब के 18 में से 17 गांवों की जमीन किसानों के नाम की गई। श्री आनंदपुर साहिब के गांव ढाडी और श्री चमकौर साहिब के गांव पथरेड़ी जट्टा की जमीन अभी तक किसानों के नाम तब्दील नहीं हो सकी है। खबर लिखे जाने तक विभाग के अधिकारी इस काम में जुटे रहे।