जून 2014 में इराक में बंधक बनाए गए सभी 39 भारतीय मारे गए हैं, यह दावा बचकर लौटे युवक हरजीत मसीह ने पांच साल पहले ही कर दिया था।
मोसुल पर आईएसआईएस के कब्जे के बाद हरजीत सिंह मसीह किसी तरह बचने में कामयाब रहा था। भारत आकर मसीह ने दावा किया था कि सभी 39 भारतीय मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आतंकियों ने उसके सामने ही 39 नौजवानों को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया था।
वह इसलिए बच गया क्योंकि जैसे ही गोलियां चलनी शुरू हुईं, वह नीचे लेट गया, एक भारी व्यक्ति की ओट में होने केकारण बच गया। मसीह ने दावा किया था कि वह 39 भारतीयों की हत्या का चश्मदीद गवाह है, फिर भी भारत सरकार मान कर चल रही है कि वे जीवित हैं।