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इराक से बचकर लौटे हरजीत मसीह ने 5 साल पहले ही कर दिया था दावा- मारे गए 39 भारतीय

Sat, 14 Apr 2018 10:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरजीत सिंह मसीह
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जून 2014 में इराक में बंधक बनाए गए सभी 39 भारतीय मारे गए हैं, यह दावा बचकर लौटे युवक हरजीत मसीह ने पांच साल पहले ही कर दिया था। 
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मोसुल पर आईएसआईएस के कब्जे के बाद हरजीत सिंह मसीह किसी तरह बचने में कामयाब रहा था। भारत आकर मसीह ने दावा किया था कि सभी 39 भारतीय मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। आतंकियों ने उसके सामने ही 39 नौजवानों को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया था।

वह इसलिए बच गया क्योंकि जैसे ही गोलियां चलनी शुरू हुईं, वह नीचे लेट गया, एक भारी व्यक्ति की ओट में होने केकारण बच गया। मसीह ने दावा किया था कि वह 39 भारतीयों की हत्या का चश्मदीद गवाह है, फिर भी भारत सरकार मान कर चल रही है कि वे जीवित हैं।
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मसीह ने सुनाई थी, अपने बचने की कहानी

हरजीत सिंह मसीह
मसीह ने बताया कि उस समेत सभी चालीस भारतीय मौसूल शहर में एक कंपनी में काम करते थे, जहां काफी बांग्लादेशी भी थे। आतंकवादी सभी को अगवा करके एक पहाड़ी पर ले गए। जहां भारतीयों और बांग्लादेशियों को अलग कर दिया गया और कतार में खड़ा करके गोलियां दाग दी गईं।

पंद्रह मिनट बाद उसे होश आया तो उसने अपने दोस्तों को पुकारा, पर किसी ने जवाब नहीं दिया। वह किसी अंजान रास्ते पर चलता रहा और दोबारा आतंकियों के चंगुल में फंस गया। उसने यह कह कर जान बचाई कि वह बांग्लादेशी है। फिर आतंकियों ने उसे फैक्ट्री भेजने का प्रबंध कर दिया।

जहां से वह भारतीय एंबेसी पहुंचा और भारत आया। यहां एक साल तक खुफिया एजेंसियों ने उसे अलग-अलग जगहों पर रखा।
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