मलोया और मौलीजागरां में स्मॉल फ्लैट्स का सर्वे पूरा।
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने रविवार को मलोया और मौलीजागरां के स्मॉल फ्लैट्स में अपना एक सर्वे पूरा कर लिया। मलोया में दूसरा सर्वे सोमवार को भी जारी रहेगा। इस दौरान किफायती किराया आवासीय योजना (एआरएचसी) के तहत आवंटित फ्लैट्स का सर्वे होगा।
प्रारंभिक सर्वे में बोर्ड के कर्मचारियों ने मलोया में पाया कि ज्यादातर मकानों में असली आवंटी ही रह रहे हैं। हालांकि मौलीजागरां में कई ऐसे भी फ्लैट मिले, जिसमें मूल आवंटी मौजूद नहीं था। वहीं, कुछ मकानों पर ताला लगा हुआ था। टीम के सदस्यों ने एक-एक घर में जाकर लोगों से आधार कार्ड लिए और आधार कार्ड दिखाने वाले व्यक्ति के बारे में पूछा। टीम के सदस्यों ने लोगों को बकाया किराए की भी जानकारी दी और जल्द जमा करने का सुझाव दिया।
सभी टीमों ने रिपोर्ट बनाकर बोर्ड को सौंप दी है। सीएचबी की विभिन्न टीमों ने मौलीजागरां में 1567 और मलोया में 4032 फ्लैट्स का सर्वे किया। अब सोमवार को एआरएचसी के तहत मिले 560 फ्लैट्स का सर्वे होगा। सीएचबी ने शहर में कुल करीब 17000 स्मॉल फ्लैट्स आवंटित किए हैं। इन्हें खरीदा और बेचा नहीं जा सकता, जबकि बोर्ड को शिकायत मिली है कि इनमें से कई मकान बिक चुके हैं। बेचने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सीएचबी ने इन फ्लैट्स का सर्वे शुरू किया है।
सीएचबी के सीईओ यशपाल गर्ग ने कहा कि मौलीजागरां में सर्वे पूरा हो गया है और मलोया के किफायती किराया आवासीय योजना के तहत आवंटित 560 फ्लैट्स में कल सर्वे होगा। टीमों के रिपोर्ट देने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले रामदरबार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, सेक्टर-56, 38 वेस्ट व 49 में सर्वे किया गया था। टीम के साथ पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहे।