हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं को देरी से बिल भरने पर सरचार्ज देना होगा। सरकार ने मई महीने के अंतिम सप्ताह से सरचार्ज माफी की सुविधा खत्म कर दी है। मई के तीसरे हफ्ते तक बिल भरने पर ही सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते थे। डिस्कॉम अब बिल के अनुसार 12 से 40 रुपये के बीच सरचार्ज लगा रहा है। हरियाणा में कोरोना संकट में अप्रैल-मई में सरचार्ज माफी की गई थी। कैश काउंटर बंद होने के बावजूद अप्रैल महीने में आए बिल भरने के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध थी।
डिस्कॉम ने मई के अंतिम सप्ताह में बिजली बिल जमा कराने के लिए कैश काउंटर खोल दिए थे। जिन उपभोक्ताओं ने समय पर बिल जमा करा दिया, उनसे कोई सरचार्ज नहीं लिया गया, जो लेट हो गए उन्हें सरचार्ज देना पड़ा। अगर अप्रैल के मई में देय बिजली बिल को कोई भी उपभोक्ता अब जमा कराता है तो उसे सरचार्ज देना ही होगा। अब सरचार्ज माफ नहीं किया जाएगा। अनेक बिजली उपभोक्ता अब भी इसी भ्रम में हैं कि अप्रैल के बिल जब मर्जी जमा कराएं, सरचार्ज नहीं लगेगा।
ऐसे समझिए बिजली बिल पर सरचार्ज
जींद जिले के नरवाना निवासी का बिजली बिल 22 अप्रैल को आया था। उसे कैश के जरिये 7 मई व चेक के जरिये 6 मई तक बिल जमा करना था। उसने 31 मई तक 652 रुपये का बिल जमा नहीं कराया। जून में बिल जमा करने पर उसे 19 रुपये सरचार्ज चुकाना पड़ा। मई के भी ऐसे अनेक बिल प्रदेश के लोगों के हैं, जिन पर सरचार्ज वसूला गया है।
सरचार्ज वसूली शुरू तो करनी ही होगी: रणजीत सिंह
बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि उपभोक्ताओं को बिना सरचार्ज बिजली बिल भरने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। देरी से बिल जमा कराने पर पूर्व प्रावधान अनुसार सरचार्ज वसूली शुरू की गई है। चूंकि, अब अनलॉक-1 चल रहा है। अधिकांश गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं।