विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सिद्धू पर 34 साल पहले रोडरेज के दौरान गैर इरादतन हत्या के दर्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 25 फरवरी तक टाल दी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सिद्धू को मात्र एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने इस पर पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
1988 का है मामला
यह मामला दिसंबर 1988 का है। सिद्धू पटियाला में कार से जाते समय बुजुर्ग गुरनाम सिंह से भिड़ गए थे। गुस्से में सिद्धू ने उन्हें मुक्का मारा जिसके बाद गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी। पटियाला पुलिस ने सिद्धू और उनके दोस्त रुपिंदर सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। निचली अदालत ने 1999 में सिद्धू को बरी कर दिया था लेकिन पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने 2006 में सिद्धू को इस मामले में तीन साल की सजा सुनाई थी। सिद्धू तब भाजपा के अमृतसर से सांसद थे। सजा के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सिद्धू ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले का चुनौती दी थी।
प्रचार छोड़ माता वैष्णो देवी के दर्शन करने गए सिद्धू
इससे पहले बुधवार को सिद्धू अचानक प्रचार छोड़ कर माता वैष्णो देवी के दर्शन करने गए। इसके बाद उन्होंने ट्वीट किया कि मां से प्रार्थना है कि वे दुष्टों का विनाश करें, पंजाब का कल्याण करें और धर्म की स्थापना करें।