इसके बाद मोहाली, पंचकूला और चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से समर्थक सेक्टर-17 थाने के बाहर जमा हो गए और थाने का घेराव कर दिया। नौबत यहां तक आ गई कि थाने का मुख्य द्वार बंद करना पड़ा। साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल को थाने के बाहर तैनात करना पड़ा। इस दौरान सेक्टर-33 निवासी किसान समर्थक राजगिल ने कहा कि पुलिस ने जबरन बाबा लाभ सिंह को मटका चौक से हटाया है जबकि दिल्ली में इतने दिनों से सरकार का विरोध चल रहा है। ऐसे में पुलिस ने दबाव में आकर इस तरह का कदम उठाया है। पुलिस को चाहिए कि बाबा लाभ सिंह को उसी जगह दोबारा से बैठाए।
बाबा को चौक से 100 मीटर दूर रोज गार्डन के पास बैठाया
करीब छह घंटे तक चली नारेबाजी के बाद शाम करीब 5 बजे पुलिस ने बाबा लाभ सिंह को इस शर्त पर छोड़ा कि वह अब मटका चौक पर नहीं बैठेंगे। तंबू से राहगीरों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। समर्थकों की बात मानने पर पुलिस ने बाबा को मटका चौक तक गाड़ी में छोड़ने की बात कही लेकिन बाबा थाने से पैदल ही मटका चौक तक आ गए। इस दौरान उनके समर्थक भी साथ चल रहे थे। अब बाबा लाभ सिंह को मटका चौक से करीब 100 मीटर की दूरी पर रोज गार्डन के पास तंबू लगाकर बैठाया गया है।
तीन महीने से चौक पर बैठे हैं बाबा
बाबा लाभ सिंह पहले सेक्टर-17 स्थित पुल के पास बैठा करते थे लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान बिल के विरोध के बाद उन्होंने मटका चौक पर ठिकाना बना लिया। उन्हें देख किसान समर्थक भी उनके साथ हो गए। इसके बाद उन्होंने मटका चौक पर तंबू लगा लिया। इसके बाद से पुलिस ने उन्हें कई बार हटाने की कोशिश की है लेकिन पुलिस हर बार नाकाम रही है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के काफिले को रोकने की कोशिश की थी
बता दें कि बीते 15 जून को सेक्टर-9 मटका चौक के पास से गुजर रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के काफिले को एक निहंग ने रोकने की कोशिश की थी। मटका चौक पर वीआईपी रूट के चलते पुलिस पर आए दिन दबाव बना रहता था। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इसके चलते ही बाबा लाभ सिंह को चौक से हटाया गया है।