अदालत ने कहा- आरोपपत्र दाखिल होने के बाद हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं
चंडीगढ़। तेंदुए की खाल की अवैध खरीद-फरोख्त और तस्करी के मामले में चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत ने कथित अंतिम सप्लायर सुनील कुमार और निशा ठाकुर को अग्रिम जमानत दे दी है। विशेष न्यायाधीश भावना जैन ने 13 अक्तूबर को अलग-अलग आदेशों में कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। दोनों को जांच के दौरान गिरफ्तार भी नहीं किया गया था।
अदालत ने दोनों आरोपियों को 15 दिन के भीतर या मामले में अगली तय तारीख तक, जो पहले हो, संबंधित अदालत में जमानती मुचलके जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने, गवाहों को प्रभावित नहीं करने और अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने की शर्त लगाई।
सीबीआई ने वन्यजीव तस्करी के अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया, लेकिन जांच में सहयोग और गिरफ्तारी नहीं होने की बात स्वीकार की।
मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय ने विक्रम सिंह वाघेला और अवधेश चौधरी के कब्जे से तेंदुए की खाल बरामद की थी। सीबीआई ने 29 अक्तूबर 2025 को मामला दर्ज किया था। जांच में सुनील को कथित अंतिम सप्लायर और निशा को कथित साजिश में शामिल बताया गया है।