रिश्वतकांड में फंसे पंजाब के पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा की विजिलेंस एफआईआर रद्द करने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
अरोड़ा ने उनके खिलाफ विजिलेंस अधिकारी को 50 लाख रुपये रिश्वत देने के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। अरोड़ा ने याचिका में कहा है कि विजिलेंस को किसी गैर-सरकारी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने का अधिकार ही नहीं है। जिस समय उनके खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया था उस समय वह किसी सरकारी पद पर नहीं थे। ऐसे में विजिलेंस को यह अधिकार ही नहीं था कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करे और गिरफ्तार करे।
पिछले साल अक्तूबर में विजिलेंस टीम ने जीरकपुर में विजिलेंस के एआईजी को 50 लाख रुपये रिश्वत देते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। विजिलेंस अरोड़ा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच कर रही थी। इस मामले में उन्हें दो बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
आरोप के अनुसार अरोड़ा ने जांच को दबाने के लिए विजिलेंस के एआईजी से सौदेबाजी की थी व 50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। इसके बाद ट्रैप लगाकर विजिलेंस ने उन्हें गिरफ्तार किया था और विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।