HSSC SI PST Result 2021
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तीन एक्सप्रेस-वे का मिलन लगाएगा नूंह के औद्योगिक विकास को पंख
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे, निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई मेगा एक्सप्रेस वे तथा फरीदाबाद-नूंह एक्सप्रेस वे नूंह के विकास को पंख लगाएंगे। इन तीनों एक्सप्रेस वे का नूंह जिले के खेड़ा-खलीलपुर व पलवल जिले के मिंडकोला के पास मिलाना है। यहीं पर एक बहुत बड़ा जंक्शन बन रहा है। इनके बनने से यहां बड़े स्तर पर उद्योग-धंधों के अलावा कई प्रकार का विकास होने की उम्मीद बंध गई है। सरकार ने इसके लिए प्लानिंग भी शुरू कर दी है। यहां पहले से केएमपी के साथ निर्माणाधीन आईएमटी रोजकामेव भी गुलजार होगी।
फरीदाबाद से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरेंगे वाहन
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर 2023 से वाहन फर्राटा भरेंगे। इसलिए दिन-रात तेजी से निर्माण कार्र्य जारी है। निर्माण कर रही कंपनी ने अगस्त 2023 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद सड़क मार्ग से 10 से 12 घंटे में मुंबई पहुंचा जा सकेगा। फरीदाबाद से गुजर रहे करीब 29 किमी लंबे बाईपास रोड को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के लिंक रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पलवल के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलने की उम्मीद
हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे जिले के युवा खेल गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली जैसे महानगरों में जाकर प्रशिक्षण लेते हैं। पलवल में आज भी न तो जिला स्तरीय खेल स्टेडियम है और न ही जिला स्तरीय इंडोर खेल सुविधाएं। हालांकि इन पर पिछले 10 सालों से कार्य चल रहा है। अब इस साल जिले के युवाओं को खेल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। मार्च से पहले जिला स्तरीय खेल स्टेडियम तथा इंडोर खेल स्टेडियम बनकर तैयार हो जाएगा।
गुरुग्राम में जंगल सफारी, ग्लोबल सिटी की ओर बढ़ेंगे कदम
साइबर सिटी को 2023 में अनेक सौगात मिलेंगी। शहर के लिए वरदान साबित होने वाली कई महत्वपूर्ण हाईवे और एक्सप्रेस-वे की परियोजनाएं नए साल में पूरी होंगी। दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस वे राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात सहित महाराष्ट्र के कई बड़े शहरों की दूरी कम करेगा। द्वारका एक्सप्रेस वे भी नए साल के अप्रैल महीने में शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा पुराने शहर की मेट्रो, ग्लोबल सिटी और जंगल सफारी की ओर भी कदम बढ़ेंगे। मेट्रो के लिए केंद्र और प्रदेश सरकारों के बीच सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं।
भिवानी को मेडिकल कॉलेज की मिलेगी सौगात
भिवानी जिले को 2023 के अंत तक मेडिकल कॉलेज के रूप में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। 535 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 420 बेड के मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जोरों पर है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2023 तक मेडिकल कॉलेज का भवन बनकर तैयार हो जाएगा। 10 जुलाई 2021 को निर्माण कार्य शुरू हुआ था और पुनर्वास केंद्र में रेजिडेंट क्वार्टर बनकर तैयार हो चुके हैं।
फतेहाबाद को मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन मिलने की उम्मीद
2023 में फतेहाबाद जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्त जमीन मिलने की सबसे बड़ी उम्मीद रहेगी। प्रदेश सरकार ने 2022-23 के बजट में फतेहाबाद में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद पहले जिला मुख्यालय पर सेक्टर पांच में 50 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन महंगी होने के कारण खरीदी नहीं जा सकी। इसके बाद दोबारा से टोहाना विधानसभा क्षेत्र के पांच गांवों में सरकारी जमीन को चिह्नित करके सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है।
सिरसा को बरसाती पानी से मिलेगा छुटकारा, मेडिकल कॉलेज का शुरू होगा निर्माण
शहर के हिसार रोड के आसपास स्थित करीब 10 कॉलोनियों के बारिश के पानी की निकासी के लिए मुख्यमंत्री ने अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डालने की घोषणा की थी। करीब 28 करोड़ की लागत से वर्ष 2022 में पाइप लाइन डालने का कार्य शुरू किया गया था। 80 फीसद काम पूरा हो चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। वर्ष 2023 में भवन का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। 539 बेड के इस मेडिकल कॉलेज को करीब 22 एकड़ में बनाया जाएगा।
चरखी दादरी में लघु सचिवालय का निर्माण होगा पूरा
वर्ष 2023 में चरखी दादरी लघु सचिवालय का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और इसके बाद जिला के करीब छह लाख लोगों को सभी विभागों की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी। इस परियोजना के तहत चार मंजिला भवन निर्माण पर करीब 48 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अहम बात यह है कि यह प्रदेश का पहला लघु सचिवालय होगा जिसकी ग्रीन बिल्डिंग होगी। इस समय जिला स्तरीय सचिवालय की कमी के चलते सरकारी विभाग अलग-अलग जगहों पर किराये के भवनों में चल रहे हैं।
मार्च में बन जाएगा हिसार का महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे
हिसार शहर में निर्माणाधीन महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे मार्च तक तैयार हो जाएगा। यह रनवे 10 हजार फुट का होगा, जो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के अनुरूप है। रनवे का 99 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया। इस रनवे के साथ-साथ टैक्सी स्टैंड और 23 मीटर चौड़ा टैक्सी-वे, पार्किंग स्टैंड, फायर स्टेशन का निर्माण जारी है। यहां नाइट लैंडिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा यहां नवीनतम तकनीक वाला एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लगाया जाएगा।
एनएच-44 पर सोनीपत से इस वर्ष सरपट दौड़ेंगे वाहन
मुकरबा चौक, दिल्ली से पानीपत तक प्रस्तावित आठ मार्गी नेशनल हाईवे-44 पर लोग 2024 में सरपट वाहन दौड़ा सकेंगे। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को तैयार करने का जिम्मा लेने वाली कंपनी की लचर कार्यप्रणाली और दूसरी कंपनी को देने के बाद लॉकडाउन ने इसकी गति पर विराम लगा दिया था। बाद में काम ने गति तो पकड़ी मगर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसानों का धरना इसके आड़े आ गया। अब इस वर्ष के शुरुआती महीनों में ही इस हाईवे की सौगात जाएगी। करीब 70 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण होने से दिल्ली से चंडीगढ़ तक का सफर काफी आसान हो जाएगा।
महेंद्रगढ़ में 500 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन
नारनौल के गांव कोरियावास में प्रदेश सरकार की ओर से 500 करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज का भवन लगभग 80 प्रतिशत तक बनकर तैयार हो चुका है। उम्मीद की जा रही है कि इस वर्ष यह मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएगा। 700 बेड वाले इस मेडिकल कॉलेज में 14 ऑपरेशन थियेटर बनाए जा रहे हैं। लगभग 80 एकड़ में बनने वाला यह प्रोजेक्ट मार्च तक पूरा होने की संभावना है। अभी जिले में कोई बड़ा अस्पताल नहीं होने से मरीजों को गुरुग्राम, दिल्ली, रोहतक या जयपुर जाना पड़ता है।
रेवाड़ी को देश के 22वें एम्स के शिलान्यास का इंतजार
गांव माजरा में बनने वाले देश के 22वें एम्स के शिलान्यास का इंतजार जिले के लोगों को लंबे समय से है। 210 एकड़ में बनने वाले एम्स में प्रत्यक्ष रूप से करीब तीन हजार और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसमें 750 बेड की व्यवस्था होगी। मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज समेत आईसीयू स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट को मिलाकर प्रतिदिन करीब 1500 मरीजों को ओपीडी में देखने की सुविधा होगी। 4 जुलाई 2015 को मुख्यमंत्री ने बावल में आयोजित रैली में मनेठी गांव में एम्स बनाने की घोषणा की थी, लेकिन मनेठी की जमीन अरावली क्षेत्र में आने से वहां एम्स नहीं बन सका।
दिल्ली-झज्जर-चरखी दादरी रेल लाइन से आवागमन होगा आसान
जिले को दिल्ली-फर्रुखनगर-झज्जर-झाड़ली-चरखी दादरी रेलवे लाइन मिलने की है। इसके सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। इससे झज्जर जिले के लोगों का रेल के माध्यम से सीधा जुड़ाव होगा। 2023 में इसका कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके बनने के बाद दिल्ली से बठिंडा, हिसार, भिवानी सभी सीधे जुड़ जाएंगे। क्षेत्र के करीब एक लाख से ज्यादा लोगों को इसका फायदा होगा।
रोहतक को एलिवेटेड रेलवे क्रॉसिंग फ्लाईओवर पूरा होने का इंतजार
लोगों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा कच्चा बेरी रोड फ्लाईओवर जिम्मेदारों की ढिलाई के कारण अब गले की फांस बन गया है। रेलवे की ओर से इस पर स्टील बोस्टिक ब्रिज न रखे जाने से फ्लाईओवर का निर्माण अधर में है। इससे मंडी व सुनारिया की ओर गुजरने वाले हजारों निजी व व्यावसायिक वाहनों और स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 2023 में यह प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है।
जींद को 750 बेड के मेडिकल कॉलेज की मिलेगी सौगात
मेडिकल कॉलेज का निर्माण कर रही कंपनी का दावा है कि अगस्त 2023 तक मेडिकल कॉलेज में ओपीडी शुरू हो जाएगी। 750 बेड के इस मेडिकल कॉलेज में पहले चरण में ओपीडी ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इस पर 560 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। मेडिकल कॉलेज में लड़के व लड़कियों के लिए 19-19 मंजिला हॉस्टल बना रहे हैं। 24 एकड़ के मेडिकल कॉलेज में कैंपस सात मंजिला होगा।
करनाल में आठ साल बाद हवाई पट्टी विस्तार की घोषणा चढ़ेगी परवान
हवाई पट्टी विस्तार की मुख्यमंत्री की घोषणा आठ साल बाद परवान चढ़ने जा रही है। नेवल हवाई पट्टी के विस्तार में रुकावट बनी जमीन की समस्या को प्रशासनिक अधिकारियों ने सुलझा लिया है। प्रशासन ने 26 एकड़ जमीन हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ सिविल एविएशन को हैंडओवर कर दी है। इससे पहले वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद 36 एकड़ छह मरले जमीन का अधिग्रहण किया गया था। करनाल में हवाई पट्टी को हिसार की तर्ज पर विकसित किया जाना है और पांच हजार फुट का रन-वे बनने से बड़े जहाज भी यहां से उड़ान भर सकेंगे।
दिल्ली की तर्ज पर पानीपत को भव्य बस स्टैंड की मिलेगी सौगात
जिले के लोगों को 2023 में सिवाह गांव के पास दो मंजिला बस स्टैंड की सौगात मिलेगी। यह प्रदेश का सबसे भव्य बस स्टैंड होगा, जिसे दिल्ली की तर्ज पर 10 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि बस स्टैंड जून तक शुरू हो जाएगा। बस स्टैंड का भवन तैयार हो चुका है। अब जीटी रोड पर बस स्टैंड के सामने अंडरपास बनना है। अंडरपास बनते ही पानीपत के लोगों को जाम से भी निजात मिलेगी।
कैथल में मेडिकल कॉलेज का काम शुरू होने की उम्मीद
गांव सांपनखेड़ी क्षेत्र में करनाल रोड पर बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य 2023 में शुरू होने की उम्मीद है। लगभग 990 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का नामकरण हाल ही में मुख्यमंत्री ने भगवान परशुराम के नाम पर करने का एलान किया है। वित्त विभाग की कमेटी ने भी इसे पारित कर दिया है। जल्द ही इसका टेंडर लग सकता है और जनवरी में ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसमें न केवल मेडिकल कॉलेज बल्कि आयुष, पैरामेडिकल जैसे कई अत्याधुनिक कोर्स भी शुरू होंगे।
यमुनानगर में 997 करोड़ से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज निर्माण
997 करोड़ की लागत से गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज बनना है। 2022 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंचकूला से इसका शिलान्यास किया था। गांव पांजूपुर में मेडिकल कॉलेज के लिए 10 एकड़ पंचायती जमीन ली गई थी। 30 अूक्तूबर 2021 को मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च की टीम इस जमीन का निरीक्षण किया था। इसके बाद इस जमीन को फाइनल कर दिया गया। उम्मीद है कि वषज़् 2023 में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बनने से न केवल यमुनानगर बल्कि साथ लगते उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लोगों को भी फायदा होगा।
अंबाला: मेगा प्रोजेक्ट आईएमटी के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू
औद्योगिक क्रांति लाने के लिए कांग्रेस के समय से चल रहे आईएमटी (इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप) को भाजपा राज में पंख लगने शुरू हो गए हैं। यदि सब ठीक रहा तो यहां इंडस्ट्रीज भी आएंगी और कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। अंबाला-हिसार मार्ग के बीच इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप के लिए पहले चरण में 400 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने का कार्य चल रहा है। जल्द ही प्रोजेक्ट का शुभारंभ हो सकता है। माना जा रहा है कि इससे पूरे हरियाणा में अंबाला को एक नई पहचान भी मिलेगी।
कुरुक्षेत्र में 31 जनवरी को मिलेगी पिपली-थर्ड गेट सिक्स लेन प्रोजेक्ट की सौगात
सरकार की तरफ से 2023 में पिपली-थर्ड गेट सिक्स लेन प्रोजेक्ट की सौगात मिल जाएगी। यह प्रोजेक्ट 31 जनवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट की घोषणा सीएम मनोहर लाल ने जून 2015 को की थी। 57 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट पर सितंबर 2018 में काम शुरू हुआ था। नौ किलोमीटर लंबी यह सड़क शहर की लाइफलाइन मानी जा रही है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर में लगने वाले जाम से लोगों का निजात मिलेगी। इस प्रोजेक्ट का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
पंचकूला में घग्गर नदी का पुल करेगा क्नेक्टिविटी आसान
सेक्टर-24-26 के राउंड अबाउट से सेक्टर 20-21 की विभाजित सड़क तक घग्गर नदी पर बनने वाले 50 करोड़ रुपये के पुल का काम इस साल पूरा होने की उम्मीद है। यह पुल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ को कनेक्ट करने वाली रिंग रोड पीआर-7 का ही हिस्सा है। पुल का निर्माण कार्य पूरा होने पर घग्गर पार रहने वाले हजारों लोगों को जीरकपुर, राजपुरा, पटियाला, मोहाली एयरपोर्ट पहुंचने में बहुत आसानी होगी। वहीं पंचकूला-यमुनानगर नेशनल हाईवे से भी पीआर-7 की कनेक्टिविटी हो जाएगी। कुल मिलाकर हिमाचल और उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को भी काफी सुविधा होगी।