चंडीगढ़। शहर में मानसून की सक्रियता के बीच सुखना लेक का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को झील का जलस्तर 1157 फीट तक पहुंच गया, जबकि रेगुलेटरी एंड भी पानी से भर चुका है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यदि आने वाले दिनों में शहर और कैचमेंट क्षेत्र में एक दिन भी तेज बारिश होती है तो सुखना लेक के फ्लड गेट खोलने की नौबत आ सकती है।
जानकारी के अनुसार फिलहाल झील का जलस्तर अधिकतम सीमा से करीब चार से पांच फीट नीचे है। हालांकि इस मानसून सीजन में अब तक फ्लड गेट खोलने की जरूरत नहीं पड़ी है लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मानसून से पहले प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने झील की जलधारण क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाकर करीब 34 हजार घन मीटर गाद (सिल्ट) निकाली थी। यह कार्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की और वन विभाग के सुझावों के आधार पर किया गया। वर्षों से जमा सिल्ट के कारण झील की जल संग्रहण क्षमता प्रभावित हो रही थी। प्रशासन का मानना है कि सिल्ट हटने से इस बार अधिक वर्षा जल का संग्रह संभव होगा और झील की पारिस्थितिकी को भी लाभ मिलेगा।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन जलस्तर पर लगातार निगरानी रखे हुए है। यदि कैचमेंट क्षेत्र में भारी बारिश के कारण जलस्तर अधिकतम सीमा के करीब पहुंचता है तो सुरक्षा के मद्देनजर फ्लड गेट खोलकर अतिरिक्त पानी नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा सकता है। इसी के साथ प्रशासन ने सुखना चो से निकलने वाले बरसाती पानी को देखते हुए चो के आसपास रहने वाले लोगों के लिए पहले से सतर्क रहने की एडवाइजरी भी जारी की है।