पंजाब कैडर के आईपीएस एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस विभाग में एसएसपी का पद संभालेंगे।
उनके सामने कई चुनौतियां होंगी। सबसे बड़ी चुनौती पलसौरा बेबी मर्डर केस सुलझाना और पुलिस विभाग में चल रही गुटबाजी को समाप्त करना होगा।
पुलिस के कई अधिकारी तो अपनी लॉबी मजबूत करने में लग गए हैं। पुलिस विभाग में इस समय चंडीगढ़ और पंजाब के अफसरों के बीच गुटबाजी चल रही है।
एसएसपी नौनिहाल सिंह ने चंडीगढ़ में एसएसपी का पद संभालते ही इस गुटबाजी को खत्म कर दिया था। उनका कार्यकाल 15 दिसंबर को समाप्त हो रहा है।
इससे पहले आईपीएस डॉ. सुखचैन सिंह गिल इससे पहले होशियारपुर में एसएसपी थे। गिल ने अमृतसर के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद सिविल सर्विसेज क्लीयर किया था।
वे 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और बठिंडा में भी एसएसपी रह चुके हैं। उन्हें पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का करीबी माना जाता है।