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प्रशासन की सहमति के बाद सुखना वेटलैंड घोषित

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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने पंजाब-हरियाणा की सहमति के बाद मंगलवार को सुखना लेक को वेटलैंड घोषित कर दिया। सुखना के वेटलैंड घोषित होने से लेक के 50 मीटर एरिया में किसी उद्योग की स्थापना, विस्तार, कचरा निस्तारण के साथ प्रदूषण उत्पन्न करने वाली गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लग गई है। मंगलवार को मीटिंग में पंजाब के गवर्नर और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, एडवाइजर मनोज परिदा सहित हरियाणा और पंजाब के कई उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
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यूटी प्रशासन लंबे समय से सुखना लेक के कैचमेंट एरिया को वेटलैंड घोषित किए जाने पर काम कर रहा था। मंगलवार को चंडीगढ़, हरियाणा व पंजाब की उच्चस्तरीय मीटिंग में सुखना को वेटलैंड घोषित किया गया। बताते चलें कि वन एवं पर्यावरण विभाग ने बीते माह 5 जून को प्रशासक को बताया था कि सुखना को वेटलैंड घोषित करने में जो भी तकनीकी परेशानियां आ रही थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है। इसके बाद प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा के अफसरों की मीटिंग बुलाने के साथ सुखना को वेटलैंड एरिया घोषित किए जाने की बात कही थी। इसके तहत बैठक बुलाई गई और सुखना को वेटलैंड घोषित कर दिया गया।
उधर, पंजाब-हरियाणा के इलाके में अभी भी कंस्ट्रक्शन होती रहती हैं। वेटलैंड घोषित होने के बाद नियमों का अब सख्ती से पालन होने के साथ सुखना के पानी से भी छेड़छाड़ बंद हो जाएगी। वेटलैंड में हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर गतिविधियां नहीं हो सकेंगी।
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पहले भी हुए कई प्रयास
इससे पहले प्रशासन ने अपने स्तर पर 1992 में सुखना को वेटलैंड घोषित किया था, लेकिन मिनिस्ट्री ऑफ एन्वायरनमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज के लिए उस समय इसका कोई महत्व नहीं था। मिनिस्ट्री ने नवंबर 2017 में सुखना वेटलैंड नोटिफाई किया था। मिनिस्ट्री ने प्रशासन को अपने स्तर पर एक अथॉरिटी बनाकर अपने लेवल पर ही सुखना लेक को वेटलैंड घोषित करने को लेकर निर्देश दिए थे। इसके बाद यूटी प्रशासन ने 3 दिसंबर 2017 को इस अथॉरिटी का गठन कर दिया था। अब इसी अथॉरिटी की टेक्निकल कमेटी ने निर्णय लिया है।
सीवरेज के पानी पर लगेगी रोक
वेटलैंड घोषित होने के बाद सुखना में आ रहे सीवरेज के पानी को रोकने के लिए सख्ती की जाएगी और सीमावर्ती राज्यों से जो गंदा पानी इस तरफ आता है, उसे रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सुखना के आसपास अतिक्रमण रोकने के लिए काम किया जाएगा। इसके साथ ही इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट सुखना को सही तरीके से मेनटेन रखेगा।
लोगों की राय लेने के लिए बनेगा सेल
लोगों की राय लेने के लिए ग्रीवांस रिड्रेसल सेल बनेगा। इसमें लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी। सुखना लेक में होने वाली एक्टिविटीज से लेकर बाकी सभी तरह की मंजूरी अथॉरिटी से लेनी पड़ेगी। लेक में एन्वायरनमेंट एक्ट पूरी तरह से लागू होगा। इसके साथ ही कैचमेंट एरिया से लेक की तरफ आने वाले पानी में जहां भी अड़चनें मौजूद हैं, उन सबको हटाना पड़ेगा। इससे नेचुरल वॉटर रिसोर्स के जरिये ही लेक को भरा जाएगा।
ऐसे घोषित होती है वेटलैंड एरिया
वेटलैंड में भूमि के उस क्षेत्र को शामिल किया जाता है, जहां पानी का तल लगभग जमीन की सतह के साथ ही होता है। ऐसे स्थान जैविक विविधता को प्रोत्साहित करने के साथ भूमिगत जल के प्राकृतिक रिचार्ज, जल शोधन, भू-कटाव को नियंत्रित करने का प्राकृतिक स्रोत होते हैं।
कई तरह के लगे प्रतिबंध
सुखना को वेटलैंड घोषित किए जाने के बाद इस क्षेत्र में (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 को लागू कर दिया जाएगा। नियम के लागू होने के बाद इस क्षेत्र में किसी उद्योग की स्थापना या विस्तार या कचरा निस्तारण या प्रदूषण उत्पन्न करने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध लग जाएगा।
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