नीचे तैनात सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग तत्काल उन्हें सेक्टर-16 स्थित हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने परमजीत को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को परमजीत के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, परमजीत काफी दिनों से बीमार थे। इससे आहत होकर उन्होंने आत्महत्या की है, जिसका जिक्र सुसाइड नोट में है। साथ ही उन्होंने पेंशन का पैसा परिवार के लोगों को देने की भी अपील की है।
वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों में दिनभर इस बात की चर्चा थी कि एक अफसर परमजीत को परेशान कर रहा था। कई बार शिकायत के बावजूद उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे आहत होकर परमजीत ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। कर्मचारियों का कहना है कि वह अफसर सभी कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार करता है।
परमजीत ने उच्चाधिकारियों को कई बार शिकायत कर अपनी समस्या बताई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बल्कि उसके बाद अफसर और सख्ती बरतने लगा। घटना के बाद पंजाब के सीएम ने मुख्य सचिव को तत्काल मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं घटना के बाद पंजाब सिविल सचिवालय के फाइनेंशियल कमिश्नर ऑफिस की ओर से भी घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
सुसाइड नोट में कहा, परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं, एक सदस्य को दे दी जाए नौकरी
सेक्टर-3 थाना पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में कर्मचारी ने लिखा है कि अब तक की उनकी पूरी पेंशन बिना चक्कर लगवाए परिवार को दे दी जाए। साथ ही परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है इसलिए एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए ताकि उनके परिवार का गुजारा आसानी से हो सके।
अफसर के खिलाफ सिविल सेक्रेट्रिएट ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने भी की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, सिविल सेक्रेट्रिएट ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने संबंधित अफसर के खिलाफ पहले भी पंजाब के सीएम से शिकायत की थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उसके बाद अफसर लगातार कर्मचारियों का शोषण करता रहा। कई बार लोगों ने अफसर के खिलाफ आवाज उठाने कोशिश की, लेकिन ऊपर तक पहुंच के कारण कोई फायदा नहीं हुआ। इसी बात से परमजीत काफी परेशान भी था।