इस वर्ष 424 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई का लक्ष्य निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की सहकारी चीनी मिलें नवंबर से गन्ने की पिराई का कार्य शुरू कर देंगी। सहकारिता मंत्री डाॅ. बनवारी लाल ने यह घोषणा शुगर फेडरेशन सहकारी चीनी मिल के अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद की। उन्होंने कहा कि किसानों के मोबाइल पर संदेश आएगा, तभी वह गन्ना मिल में लेकर आएंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने के भुगतान की राशि समय पर मिले, इसके लिए सरकार ने पुख्ता प्रबंध किए हैं। चीनी मिलों की क्षमता और चीनी उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शाहाबाद की चीनी मिल में 100 करोड़ रुपये की लागत से एथनॉल प्लांट लगाया गया है। पानीपत में भी एथनॉल प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 24 सितंबर को इस प्लांट के टेंडर खुलेंगे। महम व कैथल चीनी मिल में एथनॉल प्लांट लगाने की क्षमता 2500 से 3000 टीडीसी करना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी सहकारी चीनी मिलों में कलस्टर बनाकर एथनॉल प्लांट लगाए जाएंगे।
फसल विविधीकरण की वजह से 17 फीसदी कम हुई गन्ने की बिजाई
मंत्री बनवारी लाल ने बताया कि फसल विविधीकरण की वजह से इस बार गन्ने की बिजाई 1,97,581 एकड़ भूमि पर की गई है जो पिछले साल की तुलना में 17 प्रतिशत कम हुई है। इस वर्ष 424 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, कई मिलों में रिफाइंड चीनी, कॉम्पेक्ट बायोगैस बनाने का कार्य किया जा रहा है। इससे शुगर मिलों की आय बढ़ेगी। प्रैस मड व शक्कर बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
चीनी बिक्री में पानीपत चीनी मिल प्रथम
डाॅ. बनवारी लाल ने कहा कि इस वर्ष चीनी की बिक्री करने में पानीपत चीनी मिल प्रथम, रोहतक चीनी मिल दूसरे व करनाल चीनी मिल तीसरे स्थान पर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर चार अधिकारियों की कमेटी गठित की जाएगी जो बगास बिक्री का रेट निर्धारित करेगी। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों का रखरखाव करने व पार्ट्स बदलने के लिए कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी जांच कर आवश्यक उपकरण बदलने का कार्य कर रही है ताकि चीनी मिलों पर बेवजह खर्चा न पड़े।