कॉलेज में नौकरी करता था। एक दिन मेरा दोस्त मालेरकोटला के फलौंद गांव के मीरा दा साईं दरबार ले गया और बस वहीं का होकर रह गया।
अपने सूफियाना गायकी के सफर की शुरुआत के बारे में बताते हुए यह बात कंवर ग्रेवाल ने कही। कंवर शुक्रवार को फ्रेंचप्रेस कैफे हाउस-16 में अपनी दूसरी एलबम ‘जोगीनाथ’ को लांच करने पहुंचे थे।
एलबम में कुल 8 गाने है जिन्हें अलग अलग गीतकारों ने लिखा है। कंवर ने अपनी गायकी के बारे में बताया कि पंजाबी यूनीवर्सिटी से एमए इन म्यूजिक करने के बाद यहीं नौकरी मिल गई।
एक दिन मेरा दोस्त फलौंद गांव में ले गया जहां मीरा दा साईं दरबार में मीरा बाई से मिला तो बस वहीं का हो कर रह गया।
मुझे वहीं अच्छा लगता है, स्टेज शो करने जाता हूं और वापस डेरे में ही आ जाता हूं। मेरे लिए संगीत का मतलब सिर्फ ऊपर वाले से जुड़ना है।