गीता भवन रोड पर बनी गरीबों की बस्ती में रहते सोहन लाल और उसकी पत्नी जैलो कौर ने बताया कि रविवार की सुबह करीब तीन बजे जब पूरा परिवार कमरे में सो रहा था, अचानक छत से कुछ आवाजें आईं।
उन्हें आभास हुआ कि कमरे की छत गिरने वाली है और जैसे ही सभी सदस्यों को उठाकर बाहर निकाला, पलक छपकते ही छत गिर गई। सभी सदस्य बाल बाल बच गए लेकिन घर का सारा सामान बर्बाद हो गया।
कमरे में रखे टीवी, अलमारी, सिलाई मशीन, चारपाई, पंखा तथा रसोई का सामान बर्बाद हो गया। पूरा परिवार एक ही कमरे में जिंदगी गुजार रहा था। पीड़ित दंपति ने कहा कि वे दोनों मजदूरी करके परिवार को पाल रहे हैं।
दोबारा से कमरा बनाने व घर का सामान खरीदने में वे आर्थिक तौर पर असमर्थ हैं। लिहाजा सरकार उन्हें उचित मुआवजा दे और कमरे का निर्माण करवाकर दे। अन्यथा वे सड़क पर खुले आसमान में रहने को विवश हो जाएंगे।