चतुर्थ श्रेणी के चयन की परीक्षा में ऐसे सवाल जिनमें से कई के जवाब हम या कोई पोस्ट ग्रेजुएट भी न दे पाए। क्या हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा आयोजित करते हुए दिमाग का इस्तेमाल भी नहीं करता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी आयोग द्वारा 17 नवंबर को आयोजित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चयन के लिए आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र को देखकर की।
मामला हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से आयोजित की गई परीक्षा के पेपर लीक से जुड़ा हुआ है। इस पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में चतुर्थ श्रेणी की हरियाणा कर्मचारी आयोग द्वारा ली गई परीक्षा का प्रश्न पत्र लाया गया। कोर्ट को बताया गया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के लिए न्यूनतम योग्यता 10 वीं है और परीक्षा एनिमल अटेंडेंट, हेल्पर, चौकीदार, माली, कुक और चपरासी जैसे पद के लिए आयोजित की जा रही थी।
प्रश्न पत्र में मेसोफाइटिस का मतलब, एक्वीफर मैपिंग का इस्तेमाल, इसरो की पहली महिला वैज्ञानिक का नाम और आर्टिकल 226 का हाईकोर्ट से संदर्भ पूछा गया था। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी तक आयोग द्वारा आयोजित की गई कोई भी भर्ती पाक-साफ नहीं निकली है और हर बार गड़बड़ियां सामने आती हैं और भर्ती कोर्ट में पहुंच जाती है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित की गई 100 पदों के असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। मामला पंचकूला से जुड़ा हुआ है। जब एक आवेदक फरवरी 2017 में व्हाट्सएप पर पेपर भेजता पकड़ा गया था। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी जिसकी जांच पंचकूला पुलिस कर रही है।