नए सत्र से 30 सीटों के मास्टर्स इन बिजनेस एंड डाटा एनालिटिक्स (एमबी एंड डीए) स्नातकोत्तर कोर्स शुरू करने की सीनेट सदस्यों ने मंजूरी दी। चार सेमेस्टर का एमबीए व डीए प्रोग्राम बिजनेस स्टडीज के साथ तकनीक के संयोजन के रूप में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही विद्यार्थी आगामी सत्र से बी टेक इन मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग में भी दाखिला ले पाएंगे। कार्यक्रम को गणित विभाग ने प्रस्तावित किया। पाठ्यक्रम गणितीय मॉडलिंग, कम्प्यूटेशनल एल्गोरिदम, डाटा स्ट्रक्चर और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सहित गणित और कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्रों से विभिन्न विषयों को कवर करेगा।
कोर्स बीच में छोड़ने पर मिलेगा सर्टिफिकेट
सदस्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत स्नातक करिकुलम में 18 क्रेडिट के साथ माइनर डिग्री प्रोग्राम को लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। बैठक में एनईपी की सभी चीजों की मैपिंग भी की गई। इसके तहत विद्यार्थी को कोर्स के दौरान मल्टीपल एंट्री एग्जिट करने का अवसर मिलेगा। प्रथम वर्ष करने के बाद विद्यार्थी कोर्स छोड़ता है तो उसे सर्टिफिकेट कोर्स मिलेगा। उसकी पढ़ाई के अनुसार सर्टिफिकेट, डिग्री, डिप्लोमा आदि मिलेगा। रिसर्च एवं इनोवेशन, फ्लेक्सिबल यूजी कार्यक्रम, चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस), वोकेशनल एजुकेशन और इंटर्नशिप को पाठ्यक्रम में शामिल किया। इन्हीं दिशानिर्देशों पर सीनेट सदस्यों द्वारा बी डिजाइन के यूजी प्रोग्राम के पाठ्यक्रम को भी मंजूरी दी।
कोट
भविष्य में उभरती तकनीकों और स्कोप को देखते हुए अगले सत्र से नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। एमबीए व डीए, एमटेक क्वांटम तकनीक और बीटेक गणित और कंप्यूटिंग तीनों कोर्स विद्यार्थियों की कॅरिअर बनाने की दृष्टि से अहम हैं। - प्रो. बलदेव सेतिया, पेक निदेशक