चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से मंगलवार को डीयूआई की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर बैठक हुई। इसमें आर एंड डी निदेशक, रजिस्ट्रार, कंट्रोलर एग्जामिनेशन, एफडीओ, डीएसडब्ल्यू, एससी-एसटी को-आर्डिनेटर, कांस्टीट्यूएंट कॉलेजों के प्रिंसिपल मौजूद रहे। इस दौरान पीयू के वीसी दफ्तर के बाहर स्कॉलरशिप रिलीज नहीं किए जाने के कारण छात्रों की रुकी डिग्रियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर चर्चा की गई। इसके बाद छात्रों की डिग्री रिलीज करने पर फैसला लिया गया। छात्र पिछले एक महीने से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।
इस दौरान पंजाब कल्याण प्रतिनिधि के साथ पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लंबित 21 करोड़ के अनुदान पर चर्चा की गई। इसमें पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रों ने पीएमएस के लंबित अनुदान को जारी करने के लिए अपना दावा पेश किया था जिसका पहले ही ऑडिट हो चुका है उन छात्रों का पूरा विवरण दस्तावेजों के साथ उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया। पंजाब कल्याण के अधिकारी पीएमएस छात्रों का पूरा विवरण प्रदान करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों की ओर से कहा गया कि पंजाब सरकार की ओर से सत्र 2016-17, 2017-18, 2018-19 का रिम्बर्समेंट किया जाएगा। इन तीन वर्षों का पीएमएस अनुदान अब तक पंजाब के किसी भी कॉलेज और यूनिवर्सिटी को नहीं किया गया है। इस कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। बैठक में पीएमएस से जुड़े अन्य मुद्दों जिसमें फीस और छात्रों को दिए गए रिम्बर्समेंट राशि में अंतर पर चर्चा की गई। बैठक में पंजाब के डीपीआई और उनके प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए थे।
छात्रों ने जताया आभार, अन्य मांगें नहीं मानने तक धरना जारी
आंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन की ओर से वीसी दफ्तर के बाहर पिछले 32 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इसमें एससी-एसटी वर्ग के छात्र भी शामिल हैं। छात्रों ने कहा कि पीएमएस स्कॉलरशिप की एक मांग को मानने के लिए पीयू प्रशासन का आभार व्यक्त करते हैं। यह छात्रों के संघर्ष की जीत है। अभी एससी-एसटी छात्रों के हॉस्टल अलॉटमेंट और पंजाब के छात्रों की तरह हरियाणा के छात्रों का भी प्रवेश शून्य शुल्क पर होना चाहिए इत्यादि को नहीं माना जाता तब तक धरना जारी रहेगा।