चंडीगढ़। सेक्टर 35 के प्राचीन कला केंद्र के एमएल कौसर सभागार में शनिवार को केंद्र के विद्यार्थियां ने संगीत की प्रस्तुतियां पेश की। यह आयोजन प्राचीन कला केंद्र की विशेष सांगीतिक संध्या में परंपरा शृंखला के तहत हुआ। केंद्र में कार्यरत संगीत शिक्षिका डाॅ. शिम्पी कश्यप के निर्देशन में छात्रों ने अपनी कला का प्रदर्शन करके खूब तालियां बटोरी।
इसमें 5 से 40 वर्ष तक के छात्रों ने भाग लिया । कुल 5 प्रस्तुतियों से सजे इस कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से की गई। इसमें शौरीन, समुद्र, हरनूर और योधिंदर सिंह ने भाग लिया। इसके बाद अन्य कलाकारों सिदक, सृष्टि, द्वितराज, अनय और अन्वी ने राग खमाज में भजन पेश किया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इसके बाद सुहानी, अव्यन, मिहिका, अमायरा अव्यक्ता, रिहाना और अन्वी राग यमन एवं सुंदर भजन पेश किया गया। इसके बाद शौरीन ने दादरा एवं बंगाली गाना गाकर दर्शकों को मोहित कर दिया। कार्यक्रम के अंत में समुद्र ने एकल प्रस्तुति में वृंदावनी सारंग तथा नेपाली गीत पेश करके वाहवाही के साथ तालियां बटोरी।
तबले पर अमन गुप्ता ने संगत की। केंद्र की रजिस्ट्रार एवं प्रसिद्ध कथक गुरु डाॅ. शोभा कौसर ने छात्रों और गुरु की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये युवा कलाकार देश की संस्कृति की धरोहर को प्रफुल्लित करने का काम बखूबी कर रहे हैं ।ं