यमुनानगर के रादौर में स्थित जय प्रकाश मुकंदलाल इनोवेटिव इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (जेएमआईईटीआई) की कैंटीन में रविवार रात बासी भोजन परोसे जाने से कॉलेज के लगभग सौ छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई।
उल्टी-दस्त और चक्कर आने की शिकायत के चलते पीड़ित छात्र-छात्राओं को रात में ही कॉलेज की एंबुलेंस से रादौर के रामा नर्सिंग होम, सैनी अस्पताल रादौर व स्वराज देवी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बीमार होने वालों में हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के विद्यार्र्थी भी हैं। बड़ी तादाद में विद्यार्थियों की तबीयत खराब होने से कॉलेज में हड़कंप मच गया।
जानकारी मिलने पर मुकंदलाल संस्थान के महासचिव डॉ. रमेश कुमार, निदेशक डॉ. आरएस चौहान, रजिस्ट्रार ईश्वर अग्रवाल व पंडित ज्ञानप्रकाश शर्मा छात्र-छात्राओं का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे। मैनेजमेंट ने छात्र-छात्राओं को सभी प्रकार की मेडिकल सुविधा दिलवाने का आश्वासन दिया।
रविवार दोपहर खाया था राजमा, चावल, दही, सूखे आलू व खीरा जेएमआईईटीआई रादौर में रविवार की दोपहर को लगभग 200 से अधिक बच्चों ने लंच किया था। रात को करीब 12 बजे अचानक हॉस्टल में रहने वाले अधिकतर छात्र-छात्राओं को उल्टी-दस्त होने लगे। इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट ने तत्काल उनको रादौर के प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचाया। अस्पताल में भर्ती छात्रों ने बताया कि रविवार की दोपहर को उन्होंने राजमा, चावल, दही, सूखे आलू और सलाद में खीरा खाया था। रात के समय उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। सौ से अधिक छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों को रविवार की रात को ही अस्पताल पहुंचाया गया। इतनी अधिक संख्या में मरीज आने से बेड की कमी पड़ गई। एक-एक बेड पर दो-तीन विद्यार्थियों को भर्ती किया गया।
डॉक्टरों ने कहा, हालत खतरे से बाहर सैनी अस्पताल रादौर के डॉक्टर जसविंद्र सैनी ने बताया कि विद्यार्थियों को फूड प्वायजनिंग हुई है। गर्मी के मौसम में बासी और दूषित भोजन दिए जाने से वे उल्टी-दस्त से प्रभावित हुए हैं। उनके खून के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। रामा नर्सिंग होम रादौर के डॉ. एससी सैनी ने बताया कि खराब भोजन खाने से विद्यार्थी बीमार हुए है। उन्हें दवाई दे दी गई है।
सोमवार को अधिकतर विद्यार्थियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। स्वराज अस्पताल रादौर के डॉक्टर आरआरडी द्विवेदी ने बताया कि उनके अस्पताल में लगभग 15 छात्र-छात्राओं का इलाज किया गया है। अधिकतर को अब छुट्टी दी जा चुकी है। इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. आरएस चौहान ने कहा कि कॉलेज मैस में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। कैमरों की मदद से मामले की गहराई तक जांच की जाएगी।
कैंटीन ठेकेदार की एंट्री बैन, ठेका कैंसल फूड प्वायजनिंग की घटना के बाद मुकंदलाल संस्था की ओर से सोमवार को इंस्टीट्यूट में अपातकालीन बैठक बुलाई गई। बच्चों को बासी भोजन परोसने पर कैंटीन के ठेकेदार आशीष गुप्ता का ठेका कैंसल कर दिया गया और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। ठेकेदार की कॉलेज में एंट्री भी बैन कर दी गई है। विद्यार्थियों को परोसे गए बासी भोजन के सैंपल भरवाकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे हैं। रादौर के अस्पतालों में भर्ती छात्र-छात्राओं से मिलने उनके अभिभावक रादौर पहुंचे। कुछ के अभिभावकों ने फोन पर भी हालचाल लिए।
डॉ. रमेश कुमार, महासचिव, मुकंदलाल संस्थान ने बताया कि रविवार की रात को विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ते ही संस्थान ने एंबुलेंस का इंतजाम करवाकर उनको अस्पतालों में भर्ती कराया। विद्यार्थियों को बेहतर इलाज दिया गया है। उन्हें परोसे गए भोजन की जांच के लिए सैंपल लेबोरेट्री भेजे गए हैं। फूड प्वायजनिंग का शिकार हुए विद्यार्थियों की मैनेजमेंट व स्टाफ सदस्य खुद देखभाल कर रहे हैं। विद्यार्थियों की हालत खतरे से बाहर है।
ये विद्यार्थी हुई बीमार
तरुण हांसी, अभिषेक देहरादून, हर्षित करनाल, शांतनु यमुनानगर, कर्ण नरवाना, अभिमन्यु गुड़गांव, सुरेशचंद कॉलेज स्टोर कीपर, आयूषी सरसावा, प्रिया जम्मू, मेघा पानीपत, सिफाल अंबाला, हर्षित गौतम सहारनपुर, अतुल सिंगला जींद, शुभम गुप्ता कैथल, अभिमन्यु पौंटा साहिब, संदीप कुरुक्षेत्र, अक्षय सहारनपुर, रजत रोहतक, रजत ग्रोवर सिरसा, कुनाल पौंटा साहिब, इंद्र दिल्ली, विनीत सिंह मुस्तफाबाद, आशीष कुंडु पानीपत, जगबीर श्योकंद नरवाना, नवनीत संधू पानीपत, नीतेश जसयाल पौंटा साहिब, अपूर्वा अंबाला, अक्षय हंडू दिल्ली, तुषार अरोडा सरसावा, परमजीत सिंह जम्मू, शिवम खन्ना अंबाला, अक्षित त्यागी मुजफ्फरनगर, मुंजर जम्मू, नीतांशु करनाल, शिवांश नरवाना, शिवांगी यमुनानगर, डीपी प्रियंका कांबोज बरहेडी, योगेश शर्मा पानीपत, स्टाफ सदस्य बलबीरसिंह आदि अस्पतालों में भर्ती हैं। इनके अलावा दर्जनों बीमार विद्यार्थियों को दवाई देकर घर भेजा जा चुका है।