पंजाब विश्वविद्यालय के बाद कॉलेजों में भी छात्रसंघ चुनाव को लेकर हलचल शुरू हो गई है। सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में सोमवार को हिंदुस्तान स्टूडेंट एसोसिएशन (एचएसए) ने छात्रसंघ के लिए अध्यक्ष और संयुक्त सचिव के पद पर उम्मीदवारों की घोषणा की। इससे पूर्व सेक्टर-11 स्थित महिला महाविद्यालय में एबीवीपी अपने यूनिट सदस्यों की घोषणा कर चुके हैं।
डीएवी कॉलेज गेट के पास दोपहर के समय उम्मीदवारों की घोषणा करते समय एचएसए समर्थक बड़ी संख्या में दिखे। एमए समाजशास्त्र द्वितीय वर्ष छात्र लवीश सहरावत अध्यक्ष पद और बीए द्वितीय वर्ष छात्रा याईमा संयुक्त सचिव पद के लिए चुनाव लड़ेंगी। विद्यार्थियों ने छात्र नेताओं को कंधों पर उठाकर उनका प्रोत्साहन बढ़ाया। शहर के 11 कॉलेजों में चुनाव का माहौल डीएवी, एसडी और खालसा कॉलेज में सबसे अधिक देखने को मिलता है। डीएवी में अक्सर छात्र संगठन गठबंधन कर चुनाव लड़ते हैं। सत्र 2023-24 में डीएवी, एसडी, पीजीजीसी-11 और पीजीजीसी-46 में छात्रों ने गठबंधन के बल पर चुनाव जीते। पीयू कैंपस के मुकाबले कॉलेजों में चुनाव का माहौल अलग रहता है।
विद्यार्थियों के वोट क्षेत्र के आधार पर बंटे रहते हैं, जहां सोई पंजाबी, एचएसए हरियाणा और एचपीएसयू, हिमसू हिमाचल के विद्यार्थियों को आकर्षित करती है। क्षेत्रवाद के अंकुश को हटाते हुए इस बार एचएसए ने संयुक्त सचिव के लिए मणिपुर से छात्रा उम्मीदवार को चुना है। हालांकि अध्यक्ष पद के लिए उनका चेहरा हरियाणा का ही है। अन्य दो पदों पर एचएसए का एचपीएसयू और हिमसू से गठबंधन हो सकता है, जहां पिछले सत्र में भी तीनों साथ नजर आए। सेक्टर-11 स्थित महिला महाविद्यालय में बीते दिनों एबीवीपी ने महक तिवारी को यूनिट अध्यक्ष, महक यादव को सचिव पद के लिए घोषित किया। इस अवसर पर एबीवीपी चंडीगढ़ सचिव आदित्य और अन्य प्रभारी मौजूद रहे।
लिंगदोह समिति सिफारिशों की अवहेलना :
लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार विद्यार्थी छात्रसंघ चुनाव में केवल हाथ से लिखे पोस्टर का प्रयोग कर सकते हैं लेकिन डीएवी कॉलेज में छात्र प्रिंटेड पोस्टर के साथ प्रचार करते दिखे। कॉलेज के बाहर सार्वजनिक जानकारी वाले बोर्ड पर प्रिंटेड पोस्टर लगाए हैं, जो लिंगदोह समिति की सिफारिशों की अवहेलना है। लिंगदोह समिति के अनुसार विद्यार्थी सिर्फ हाथ से बनाए पोस्टरों का प्रयोग कर सकते हैं और संस्थान में नामित जगहों पर उन्हें लगा सकते हैं, जिसकी सूचना चुनाव आयोग या विश्वविद्यालय की ओर से जारी की जाए।