रविवार को ज्यादा पराली जलाए जाने के पीछे दो कारण बताए जा रहे हैं। पहला दिल्ली सहित अन्य इलाकों में प्रदूषण बढ़ने से राज्य सरकारों पर दबाव बढ़ रहा है। इससे पराली जलाए जाने वाले किसानों पर शिकंजा कसने लगा है। रविवार होने के कारण सरकारी कर्मी छुट्टी पर थे।
इससे किसानों को मौका मिला और उन्होंने पराली को आग के हवाले कर दिया। दूसरा मौसम विभाग की ओर से किसानों को बताया गया है कि छह व सात नवंबर को बारिश हो सकती है। ऐसे में किसानों ने सोचा कि बारिश हुई तो पराली भीग जाएगी।
कब कितनी जगहों पर जलती मिली पराली
| तारीख |
स्पॉट |
| 28 अक्तूबर |
1264 |
| 29 अक्तूबर |
1457 |
| 30 अक्तूबर |
566 |
| 31 अक्तूबर |
783 |
| एक नवंबर |
540 |
| दो नवंबर |
200 |
| तीन नवंबर |
2820 |
(स्रोत : पीजीआई का कम्युनिटी मेडिसिन व स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ )
पंजाब में पराली जलाए जाने में कमी आ रही थी मगर रविवार को अचानक इसमें जबरदस्त उछाल देखा गया। करीब 2849 फायर स्पॉट रिकॉर्ड किए गए, जो 99 फीसदी पंजाब के थे। इससे दिल्ली सहित हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में फिर से प्रदूषण बढ़ने के पूरे आसार हैं।
-डा. रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर एनवायर्नमेंट हेल्थ कम्युनिटी मेडिसिन व स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई