कॉन्फ्रेंस के समापन पर मेयरों ने स्पष्ट संदेश दिया कि सशक्त मेयर और मजबूत नगर निकाय ही मजबूत शहरों की नींव हैं और यही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगे। देश के शहरों को मजबूत बनाने के लिए मेयरों को अधिक प्रशासनिक, वित्तीय और कार्यकारी अधिकार देने की मांग उठी है। सेक्टर-10 स्थित माउंट व्यू होटल में दो दिन चली 118वीं ऑल इंडिया मेयर्स कॉन्फ्रेंस के समापन पर सभी मेयरों ने ‘चंडीगढ़ संकल्प’ पारित किया। इसमें मेयरों का कार्यकाल पांच साल करने, नगर निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और पर्याप्त अधिकार व संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई। मेयरों ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ यूटी प्रशासन से शहरी शासन व्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी, ट्रैफिक, कचरा, प्रदूषण, जल संकट और बुनियादी सुविधाओं की बढ़ती मांग से निपटने के लिए नगर निकायों को सशक्त बनाना जरूरी है। केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास उन्हें लागू करने के अधिकार भी होने चाहिए।