मोहाली। नौकरी पक्की करने की मांग कर रहे सफाई मुलाजिमों की हड़ताल रविवार को चौथे दिन में दाखिल हो गई। जगह जगह पर लगे कूड़े के ढेरों ने शहर की खूबसूरती पर बट्टा लगा दिया है। इतना ही नहीं शहर के विभिन्न इलाकों में बने डंपिंग बॉक्स भी कूड़े व गंदगी से लबालब भर गए हैं। शहर में ऐसी स्थिति रहने पर बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, मुलाजिमों ने हड़ताल को जारी रखते हुए घोषणा की है कि सोमवार से मुलाजिम घरों का कूड़ा उठाना भी बंद कर देंगे।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने करोड़ों रुपये में शहर की सफाई का ठेका प्राइवेट कंपनी को दिया है। कंपनी मैनुअल और मशीनों से सफाई करवाती है। लेकिन, निगम में ठेके पर काम कर रहे सफाई मुलाजिम कंपनी के काम में बाधा डाल रहे हैं। कंपनी के मुलाजिम जिस जगह सफाई करते हैं, सफाई मुलाजिम वहां पर इकट्ठा होकर काम रुकवा देते हैं। इस कारण शहर में गंदगी बढ़ती ही जा रही है। सफाई मुलाजिम राज्य सरकार से नौकरी पक्की करने की मांग कर रहे हैं।
मुलाजिमों का कहना है कि सरकार ने 328 मुलाजिमों की रेगुलर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी की थी। इसके बावजूद मुलाजिमों को ठेके पर काम करना पड़ रहा है। इसे लेकर मुलाजिमों ने पिछले दिनों नगर निगम ऑफिस के बाहर धरना भी दिया था। शहर में जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेरों पर लावारिस पशु व कुत्ते मुंह मार रहे हैं। जानवरों ने पूरे शहर में कूड़ा फैला दिया है। कई इलाकों में स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
अरुण शर्मा, पार्षद ने बताया कि मुलाजिम नगर निगम का हिस्सा हैं। उनकी जायज मांगों पर निगम अधिकारियों को विचार करना चाहिए। अधिकारियों को उनके साथ बैठकर हल निकालना होगा। मेयर कुलवंत सिंह और कमिश्नर को आगे आने की जरूरत है। अगर हड़ताल ऐसे ही जारी रही तो गंदगी से शहर में बीमारियां फैल जाएंगीं।
मंजीत सेट्ठी, डिप्टी मेयर ने बताया कि मुलाजिम कई बार कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता को डिमांड पत्र सौंप चुके थे। एडमिनिस्ट्रेटिव हेड होने के नाते उन्हें मुलाजिमों की समस्या को बैठकर सुलझाना चाहिए था। उन्होंने मुलाजिमों की मांग को नजरअंदाज किया है। शहर में फैली गंदगी के पीछे कमिश्नर जिम्मेदार हैं।
कुलजीत सिंह बेदी, पार्षद ने बताया कि मुलाजिमों की हड़ताल के लिए नगर निगम जिम्मेदार है। निगम ने शहर की सफाई के लिए करोड़ों का कांट्रेक्ट प्राइवेट कंपनी को दिया है। लेकिन निगम और कंपनी की खामियों का हर्जाना शहरवासियों को उठाना पड़ रहा है। अगर निगम के अधिकारियों ने सोमवार तक हड़ताल खत्म करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया तो हम हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
उमाशंकर गुप्ता, कमिश्नर नगर निगम ने बताया कि मुलाजिमों के प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर मीटिंग की जाएगी। हमारी कोशिश रहेगी कि हड़ताल को समाप्त करवाया जाए। ताकि शहर की सुंदरता पर आंच न आए। मुलाजिमों की जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।