महंगे होते प्याज से व्यापारियों ने भी हाथ खींच लिए हैं। बुधवार को सेक्टर-26 की मंडी में सिर्फ प्याज का एक ट्रक ही आया। इसमें कुल दो सौ कट्टे प्याज था। एक कट्टे में चालीस किलो प्याज होता है।
मंडी के आलू-प्याज के कारोबारियों के अनुसार चंडीगढ़ में पांच ट्रक प्याज खप जाता था। अब थोक के भाव ही साठ रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दिग्विजय कपूर के अनुसार प्याज महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश से आ रहा है। रास्ते में ही पांच से सात दिन लगते हैं।
रास्ते में ही प्याज सड़ने का खतरा रहता है। प्रशासन के अधिकारी भी रोज जांच के नाम पर आ धमकते हैं।
लाखों के घाटे का डर बना रहता है। ऐसे में कौन प्याज में हाथ डाले। मार्केट कमेटी के सचिव जीआर पिल्लई का कहना है कि मंडी में माल कम आ रहा है।
बुधवार को थोक रेट ही 60 रुपये किलो रहा। आढ़ती भी प्याज मंगवाने में रुचि नहीं ले रहे।