फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सड़कों पर घूम रहा आवारा गोवंश, प्रशासन से मांगा जवाब

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवारा गोवंश और अन्य आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने तथा उनके संरक्षण को लेकर दिए गए निर्देशों के करीब एक वर्ष बाद भी शहर में हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। प्रमुख सड़कों पर आज भी बड़ी संख्या में आवारा गोवंश घूमता नजर आता है जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। इस मुद्दे को लेकर गौमाता सेवक राष्ट्रीय सनातन सेना भारत गौरक्षा दल की चंडीगढ़ इकाई ने डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव को पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन पर विस्तृत जानकारी मांगी है।
संगठन का कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। उनका आरोप है कि आवारा गोवंश की समस्या पहले की तरह बनी हुई है, जबकि कई गौशालाओं में भी पशुओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। संगठन ने इसे केवल पशु संरक्षण का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसओपी के अभाव में कैसे होगा स्थायी समाधान
संगठन ने दावा किया कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम अब तक आवारा गायों को पकड़ने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार नहीं कर पाया है। इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए संगठन ने सवाल उठाया कि स्पष्ट एसओपी के अभाव में आवारा गोवंश की समस्या का स्थायी समाधान कैसे संभव होगा।
गौरक्षा दल ने इन सात बिंदुओं पर मांगी जानकारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी का नाम।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कॉम्प्लायंस रिपोर्ट (अनुपालन रिपोर्ट) की प्रति।
संबंधित विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों का विवरण।
अब तक सड़कों से हटाए गए आवारा पशुओं का रिकॉर्ड।
आवारा पशुओं से संबंधित हेल्पलाइन की व्यवस्था।
आदेशों के पालन को लेकर हुई समीक्षा बैठकों का ब्यौरा।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें