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Chandigarh News: ग्राउंड में जाने से रोका, नौवीं के छात्र ने हेडमास्टर के सिर में मारी रॉड, लगे छह टांके

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चंडीगढ़। स्कूल के मैदान में जाने से रोकने पर सेक्टर-19डी के सरकारी हाई स्कूल के हेडमास्टर के सिर पर बुधवार दोपहर लगभग 12.45 बजे एक छात्र ने रॉड से हमला कर दिया। 14 वर्षीय आरोपी सेक्टर-19डी के सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नौवीं में पढ़ता है। हेड मास्टर केसर सिंह को सेक्टर-16 के सरकारी अस्पताल भर्ती करवाया गया। उनके सिर पर छह टांके लगे हैं। आरोपी ने स्कूल के बेंच की रॉड से सिर पर दो जगह हमला किया है। उनकी अंगुली पर भी चोट आई है। हेड मास्टर की हालत स्थिर है। उन्हें फिलहाल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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सेक्टर-19 थाना पुलिस घटना की जानकारी पाकर स्कूल पहुंची और आरोपी को साथ ले गई। पुलिस ने रॉड कब्जे में ले ली है। पुलिस आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश करेगी। किशनगढ़ में रहने वाले इस विद्यार्थी को हेड मास्टर ने किसी बात को लेकर अनुशासन में रहने को कहा था। इसके चलते वह गुस्से में आ गया और हेड मास्टर पर हमला कर दिया। उनके जमीन पर गिरने के बाद भी पीटता रहा। इसकी सूचना मिलने पर सेक्टर-22 में रहने वाले हेड मास्टर की सेक्टर-21 के सरकारी मॉडल स्कूल में अध्यापिका पत्नी बेटे के साथ अस्पताल पहुंचीं। बता दें कि सरकारी हाई स्कूल और सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल को जोड़ने वाला एक अंदरुनी गेट है। इस गेट के पास ही यह घटना घटी। घटना के दौरान हेड मास्टर मॉडल स्कूल की कैंटीन से चाय पीकर वापस आ रहे थे।

लड़कियों के ट्रायल वाली तरफ जाने से रोका था
सरकारी हाई स्कूल के मैदान में लड़कियों का क्रिकेट ट्रायल चल रहा था। दूसरे मॉडल स्कूल के बच्चे सांझे गेट से अंदर आ रहे थे। स्कूल के हेड मास्टर केसर सिंह बच्चों को रोक रहे थे। आरोपी युवक को भी अनुशासन भंग करने से रोका गया था। स्कूल परिसर में हमले की घटना के बाद बड़ी संख्या में अध्यापक-अध्यापिकाएं अस्पताल पहुंचीं। स्कूल में इस तरह की घटना के बाद स्टाफ की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया।
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पुलिस को सख्ती से पेश आने की जरूरत
अध्यापकों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष शविंदर सिंह ने कहा कि अगर स्कूलों में अध्यापकों के साथ इस तरह की घटनाएं होंगी तो स्कूलों के हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे आपराधिक छवि वाले विद्यार्थियों के साथ पुलिस को सख्ती से पेश आने की जरूरत है। शिक्षा विभाग से भी स्टाफ की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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