फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए, हिंसा के बाद कैसा है अमरनाथ यात्रा का माहौल

Fri, 15 Jul 2016 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुक्तसर।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अमरनाथ यात्रा के लिए पंजाब के अलावा अन्य राज्यों से गए सैकड़ों श्रद्धालुओं की परेशानियां बढ़ गई हैं। श्रीनगर से बालटाल जाने वाले रास्ते पर स्थित विभिन्न गांवों के लोग यात्री बसों पर पथराव कर रहे हैं। ऐसे में जहां यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, वहीं कई श्रद्धालु चोटिल हो रहे हैं।
विज्ञापन


श्रीनगर से बालटाल के रास्ते पर पड़ते गांव कुल्लन, कंगन, घुंड और गंधड़वल में पथराव बाजी की वारदातें सबसे ज्यादा घटित हो रही हैं। इससे यात्रियों में दहशत का माहौल है। दिन के समय तो कर्फ्यू जैसा माहौल बना हुआ है। प्रशासन की ओर से यात्रियों को रात के अंधेरे में सुरक्षित अगले पड़ाव की ओर भेजने की कोशिशें की जा रही हैं।

अमर उजाला से फोन पर बातचीत में ओम शिव शक्ति सेवा मंडल दिल्ली चीका के मुक्तसर शाखा के अध्यक्ष डॉ. विजय सिंगला, लैब टेक्नीशियन जगसीर सिंह शेरेवाला और सुरिंदर झबेलवाली ने बताया कि श्रीनगर से बालटाल के रास्ते पर कई गांवों में यात्रियों की बसों पर पथराव हो रहा है। लोग छोटे बच्चों पर भी पथराव कर रहे हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बालटाल पहुंच रही बसों में कई यात्री पथराव बाजी का शिकार होकर चोटिल हो चुके हैं। उनके इलाज के लिए मंडल की ओर से शिविर लगाया गया है। यात्रियों की बसें जैसे ही बालटाल पहुंच रही हैं तो उनके मंडल के सदस्य चोटिल यात्रियों के इलाज में जुट गए हैं।

उन्होंने कहा कि बालटाल में शिविर लगाकर घायल यात्रियों का इलाज किया जा रहा है। मंडल के करीब चालीस सदस्य इस सेवा में लगे हुए हैं। डॉ. विजय सिंगला के अनुसार दिन में कर्फ्यू लगा रहता है। प्रशासन की ओर से दिन के समय किसी भी यात्री को बालटाल से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा। सुरक्षा के मद्देनजर रात को अंधेरा होने पर ही यात्रियों को आगे रवाना किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि श्रीनगर के रास्ते पर प्रशासन की ओर से नेेट की रेंज भी बंद की हुई है, ताकि कोई पथरबाजी की फोटो आदि खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर न कर सके, क्योंकि ऐसा होने से विभिन्न राज्यों से अमरनाथ यात्रा करने पहुंचे लोगों के परिजनों में चिंता पैदा हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें