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Chandigarh News: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सौतेले भाई को 20 साल की कैद

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चंडीगढ़। जिला अदालत ने 14 साल की सौतेली नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए 27 साल के आरोपी भाई को 20 साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले का खुलासा तब हुआ जब पेट में दर्द होने के चलते नाबालिग को जांच के लिए नर्सिंग होम ले जाया गया था, जहां उसके गर्भवती होने का पता चला।मामले की शुरुआत में पंचकूला पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करते हुए केस चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिया था। सजा पाने वाले दोषी के खिलाफ मनीमाजरा थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आईपीसी की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। अदालत में आरोपी की ओर से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसे फंसाया गया है। हालांकि डीएनए रिपोर्ट में उसके खिलाफ आरोप साबित हो रहे थे। सामने आए तथ्यों और बयानों के आधार पर अदालत में आरोपी सौतेले भाई को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुनाया है। मामले में दोषी के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पहली पत्नी से उसके दो बेटे हैं। वही दूसरी शादी से उसकी एक 14 साल की बेटी है, जिसके पेट में दर्द होने के चलते उसे डॉक्टरी जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था। जहां उसके गर्भवती होने का पता चला। बेटी से पता चला कि उसकी पहली पत्नी के बेटे ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद उसने मामले की शिकायत पुलिस को दी।
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सजा कम करने के लिए आरोपी ने दी दलील
पुलिस ने शिकायत और सामने बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में चली कानूनी कार्रवाई के दौरान आरोपी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसे फंसाया गया है। हालांकि डीएनए रिपोर्ट में उसके खिलाफ आरोप साबित हो रहे थे। इसलिए कोर्ट ने उसे दोषी ठहराया। दोषी ने कहा कि इस केस की वजह से उसका कॅरिअर खराब हो गया। वह साइकेट्रिक पेशेंट है और पीजीआई में 2012 से उसका इलाज चल रहा है। इसलिए उसे कम सजा दी जाए, लेकिन कोर्ट ने उसकी दलीलों को नहीं माना और उसे 20 साल की सजा सुना दी।
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