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Chandigarh News: क्रॉस एग्जामिनेशन में कल्याणी के खिलाफ नहीं बदले बयान

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चंडीगढ़। सीबीआई अदालत में वीरवार सुबह 10 से शाम 4 बजे लगातार 6 घंटे राष्ट्रीय निशानेबाज सुखमनप्रीत सिंह सिद्धू उर्फ सिप्पी सिद्धू हत्याकांड की सुनवाई हुई। ट्रायल की दूसरी सुनवाई में आरोपी कल्याणी सिंह के खिलाफ गवाही देने वाले चश्मदीद गवाह जितेंद्र सिंह का क्रॉस एग्जामिन किया गया। इस दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने जितेंद्र सिंह से कई सवाल पूछे और कल्याणी को पहचानने के बारे में भी सवाल जवाब किए लेकिन गवाह कल्याणी के खिलाफ दिए गए अपने बयान पर अड़ा रहा और अदालत में उसकी पहचान भी की। गवाह को सीबीआई कड़ी सुरक्षा में लेकर कोर्ट में पहुंची। अदालत की कार्रवाई खत्म होने के बाद उसे सुरक्षा घेरे में ले जाया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी।
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वर्ष 2015 में सिप्पी सिद्धू की सेक्टर-27 स्थित पार्क में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने कल्याणी सिंह को हत्याकांड में नामजद किया था। इस मामले में बीते 8 जुलाई से आरोपी कल्याणी सिंह के खिलाफ ट्रायल शुरू हो चुका है। पहले दिन हत्याकांड के मुख्य चश्मदीद गवाह जतिंद्र सिंह की गवाही हुई थी लेकिन उस समय क्रॉस एग्जामिन नहीं होने के कारण कार्रवाई स्थगित हो गई थी और आरोपी पक्ष ने गवाह से सवाल-जवाब करने के लिए 11 जुलाई की अगली तारीख ले ली थी। गवाही देने के साथ जितेंद्र ने अदालत के समक्ष कहा था कि उसे अपनी जान का खतरा सता रहा है। इसके बाद अदालत ने गवाह की सुरक्षा का जिम्मा मामले की जांच एजेंसी सीबीआई को ही सौंप दिया। इसके चलते वीरवार को सीबीआई की जांच टीम गवाह जितेंद्र को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत लेकर पहुंची और सुबह 10 बजे मामले में कार्रवाई शुरू हुई।
आरोपी पक्ष ने गवाह से घटना के बारे में शुरू से अंत तक पूछा। गवाह ने बताया कि उसने खुद घटना से कुछ देर पहले कल्याणी व सिप्पी सिद्धू को पार्क में सैर करते हुए देखा था। इसके कुछ देर बाद ही वहां एक अन्य अज्ञात व्यक्ति आया और सिप्पी को गोलियां मार दीं। इसके बाद कल्याणी ने भी सिप्पी पर गोलियां चलाई थीं। वे दोनों इस वारदात को अंजाम देने के बाद दो गाड़ियों में मौके से फरार हो गए थे। आरोपी पक्ष ने गवाह से पूछा कि उसने पहले यह बात पुलिस को क्यों नहीं बताई। गवाह ने अधिवक्ता के सारे सवालों के जवाब दिए और अपने इन बयानों पर अड़ा रहा। हालांकि, अधिवक्ता ने गवाह को बार-बार एक ही प्रश्न को अलग-अलग तरीके से भी पूछकर उसे उलझाने का प्रयास किया लेकिन वह बयानों पर अड़ा रहा। इस मामले में सीबीआई की ओर से दो अन्य चश्मदीद गवाह बनाए गए है जिनमें एक महिला भी शामिल है। इस महिला ने भी सिप्पी की हत्या के बाद कल्याणी को पार्क के बाहर देखा था।
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दिसंबर तक आ सकता है हत्याकांड में फैसला : हत्याकांड में दिसंबर महीने तक फैसला आने की भी उम्मीद है क्योंकि सीबीआई अदालत ने इस पूरे मामले में होने वाली कार्रवाई को अलग-अलग महीनों में बांट दिया है। जुलाई महीने में केवल चश्मदीद गवाहों की गवाही होगी, जबकि बचे हुए अन्य गवाहों की गवाही अगस्त और सितंबर में होगी। अक्तूबर में केवल मामले से संबंधित विशेषज्ञों को बयान देने के लिए बुलाया जाएगा। नवंबर के पहले सप्ताह में कल्याणी के बयान दर्ज होंगे, जबकि इसकी अगली सुनवाई में बचाव पक्ष के गवाहों की गवाही होगी। इसके बाद दिसंबर महीने में कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।
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