संस्कार भारती, चंडीगढ़ की ओर से गुरूवार को उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के सहयोग से छह दिवसीय ‘द्वितीय भरतमुनिनाट्य महोत्सव’ का गुरूवार को पांचवां दिन था। यह फेस्टिवल टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में करवाया जा रहा है। इसमें आत्म सम्मान-कल आज और कल नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक को संवाद थियेटर ग्रुप चंडीगढ़ की ओर से तैयार किया गया था। मुकेश शर्मा द्वारा निर्देशित एवं राजेश अत्रे द्वारा लिखित इस नाटक में एक नारी के आत्म सम्मान की लड़ाई को बखूबी दर्शाया गया।
नाटक की शुरुआत वर्तमान समय में सोशल मीडिया के अत्याधिक प्रचलन से हुई, परंतु तत्काल ही किसी कॉलेज की एक महिला प्राध्यापिका ‘नीलिमा’ के साथ हुए शारीरिक शोषण के दर्द को दिखाया गया। नीलिमा को त्रेता युग की सती अहल्या के जीवनवृतांत से प्रेरणा दी गई, जिसने उस प्राध्यापिका में नया जोश भर दिया। सती अहल्या के जीवन चरित्र का वर्णन एवं प्रस्तुति करण अत्यंत शक्तिशाली रुप से किया गया। दीक्षा शर्मा, यशपाल तिवारी, हीरा सिंह, सचिन, संजय कश्यप, ज्योति शर्मा, अरिवंद शर्मा, अन्नपूर्णा, पावली, मयंक, मोहित ने अहम भूमिका निभाई।