राज्य सरकार ने हड़ताल पर चल रही स्टाफ नर्सों से काम पर लौटने की अपील की है, क्योंकि हड़ताल के चलते सेहत सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
सरकार ने चेतावनी भी दी कि अगर वे सात मार्च तक काम पर न लौटे तो पहले मीटिंग में हुआ समझौता उन पर लागू नहीं होगा।
सीएम ने नर्र्सों की जत्थेबंदी के साथ 18 नवंबर-13 को मीटिंग की थी। जिसमें फैसला किया गया था कि ठेके पर काम कर रहीं नर्सों का मेहनताना सालाना दस फीसदी की जगह 33 फीसदी बढ़ाया जाएगा।
बढ़ोतरी तीन वर्षों के लिए होगी। उसके बाद सेवाएं रेगुलर कर दी जाएंगी। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
प्रवक्ता ने कहा कि इस संबंध में केस हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए रेगुलर करने की मांग पर विचार संभव नहीं है।