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Chandigarh News: जीएमसीएच-32 में एनआरआई कोटे की सीट पर स्पाॅन्सर का मानक अलग-अलग, अभिभावकों में रोष

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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में एमबीबीएस में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभ्यर्थी 25 जुलाई शाम तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। प्रवेश के लिए विवरणिका जारी होने के साथ ही अभ्यर्थी और उनके अभिभावकाें की चिंता बढ़ गई है। कारण जीएमसीएच-32 में प्रवेश के लिए काफी ज्यादा संख्या में आवेदन का होना है जिससे एक-एक सीट के लिए प्रतिस्पर्धा रहेगी। ऐसे में चंडीगढ़ के युवाओं और अभिभावकों का कहना है कि एनआरआई की नौ सीटों के लिए कॉलेज के मानक अन्य जगहों से इतर हैं। जीएमसीएच-32 एनआरआई सीट पर सिर्फ माता-पिता और दादा-दादी के स्पाॅन्सर को ही स्वीकार करता है जबकि डेंटल कॉलेज में चचेरे और ममेरे रिश्तेदारों को भी स्पाॅन्सर बनने की अनुमति है। इस मामले पर अभिभावकों ने प्रशासक और उनके सलाहकार से भी मुलाकात की है। इसे लेकर विवाद हो रहा है अभिभावकों में रोष व्याप्त है। सेक्टर-18 निवासी अमर राज ने बताया कि उनकी बेटी ने जीएमसीएच-32 में आवेदन किया है। उसका चचेरा भाई लंदन में रहता है, लेकिन कॉलेज प्रशासन उसका स्पॉसर स्वीकार नहीं कर रहा। जबकि सेक्टर- 26 के डेंटल कॉलेज में माता-पिता और दादा-दादी के साथ ही चचेरे, ममेरे और मौसेरे रिश्तेदार भी इस वर्ग में शामिल हैं। ऐसा पांडुचेरी, हरियाणा और राजस्थान में भी है। लेकिन जीएमसीएच-32 प्रशासन अलग मानक लागू किए हैं। इसलिए उनके साथ शहर के वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस संबंध में प्रशासक और सलाहकार से मुलाकात की थी। उन्होंने इस मुद्दे को गौर से सुना भी। अमर राज का कहना है कि कॉलेज अभ्यर्थी से प्रवेश के लिए पैसे ही चाहिए तो वे पैसे माता-पिता दे या चचेरे भाई-बहन, इससे क्या फर्क पड़ता है। इनके ऐसे मानकों के कारण ही चंडीगढ़ के युवा अपने ही शहर में मिलने वाले लाभ से वंचित रह जाते हैं।
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