स्कूल-कालेजों में ही बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। शिक्षण संस्थानों में छुट्टी के समय सबसे ज्यादा छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। इसके बाद बस स्टैंड और बाजार भी छेड़छाड़ की घटनाओं का सबसे बड़ा अड्डा बने हुए हैं। यह चौंकाने वाला खुलासा पुलिस विभाग की ओर से कराए गए ऑनलाइन सर्वे में हुआ है।
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इस सर्वे में 41 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और इस सर्वे के परिणाम आंखें खोल देने वाले हैं। प्रदेश के एडीजीपी ओपी सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उनके अनुसार, प्रदेश में कुल 118 जगहों को चयनित किया गया है, जहां छेड़छाड़ की सबसे अधिक संभावनाएं हैं। पुलिस पहले इन जगहों पर कार्रवाई की तैयारी में है।
स्कूल कॉलेज की छुट्टी के बाद सबसे ज्यादा डर
ऑनलाइन सर्वे में पुलिस विभाग की ओर से पूछा गया था कि लड़कियों को प्रदेश में सबसे ज्यादा छेड़छाड़ कहां होती है, इस सवाल के जवाब भी चौंकाने वाले हैं। सर्वे में खुलासा हुआ है कि तकरीबन 40 फीसदी छेड़छाड़ की घटनाएं लड़कियों के स्कूल-कॉलेज से लौटते समय होती हैं।
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24 फीसदी घटनाएं सुबह स्कूल-कॉलेज जाते समय होती हैं। इसके अलावा 23.9 फीसदी लोगों के अनुसार, शाम के समय बाजार जाते समय भी छेड़छाड़ होती है।
सार्वजनिक वाहन भी सुरक्षित नहीं
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स्कूल-कॉलेज से लौटते समय तो लड़कियां असुरक्षित महसूस करती ही हैं, स्कूल-कालेज के अंदर भी स्थिति बेहतर नहीं है। सर्वे के मुताबिक, 32 फीसदी युवतियां स्कूल कालेज के अंदर छेड़छाड़ की घटनाओं से डर जाती हैं, जबकि 22 फीसदी को शहरों के बाजारों में छेड़छाड़ अधिक दिखती है।
प्रदेश के पार्क और सार्वजनिक वाहन (बस, ऑटो, रिक्शा, ट्रेन) आदि में भी युवतियां खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करती। सर्वे के आंकड़ों को आधार बनाया जाए तो साढ़े 20 फीसदी लड़कियों को पार्क में जाने और 21 फीसदी युवतियों को सार्वजनिक वाहन में चढ़ने से डर लगता है।
हरियाणा को मानते हैं दिल्ली-पंजाब से अधिक सुरक्षित
ऑनलाइन सर्वे के मुताबिक, 40 फीसदी से अधिक लोग हरियाणा को इसके सीमावर्ती राज्यों दिल्ली, पंजाब, राजस्थान आदि से अधिक सुरक्षित मानते हैं। इसके अलावा 25 फीसदी लोग प्रदेश को बिल्कुल सुरक्षित मानते हैं तो तकरीबन 13 प्रतिशत ऐसे भी हैं जिनके अनुसार हरियाणा लड़कियों की सुरक्षा के मामले में बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। लगभग 22 फीसदी लोग हरियाणा को बाकी राज्यों जितना ही असुरक्षित मानते हैं।
सर्वे में हिसार, जींद, झज्जर, फतेहाबाद और फरीदाबाद के लोग अधिक एक्टिव
पुलिस विभाग की ओर से कराए जा रहे इस सर्वे में वैसे तो पूरे प्रदेश से लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, लेकिन हिसार, जींद, झज्जर, फतेहाबाद और फरीदाबाद से इस सर्वे में अधिक लोगों ने अपने विचार साझा किए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, फरीदाबाद से 16 फीसदी, हिसार से लगभग 14 फीसदी, जींद से 11.8 प्रतिशत और झज्जर से करीब 11 फीसदी लोग ऑनलाइन सर्वे में शामिल हुए। फतेहाबाद से लगभग आठ फीसदी लोगों ने इस सर्वे में छेड़छाड़ को लेकर अपनी बात रखी।
प्रश्न : प्रदेश में छेड़छाड़ को लेकर सर्वे से क्या आप संतुष्ट हैं?
उत्तर : छेड़छाड़ को लेकर प्रदेश की स्थिति काफी बेहतर है, इसे और सुरक्षित बनाया जाएगा।
प्रश्न : सर्वे के रिजल्ट देखकर आपको लगता है कि ऑपरेशन दुर्गा को और आगे चलाने की जरूरत है?
उत्तर : ऑपरेशन दुर्गा से लोगों को, खासतौर पर छात्राओं को छेड़छाड़ के मामलों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके काफी सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। इसे जारी रखने की जरूरत लगती है मुझे भी।
प्रश्न : स्कूल-कॉलेजों के अंदर और बाहर की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है।
उत्तर : इस ऑनलाइन सर्वे का मकसद ही यही था कि छेड़छाड़ के बारे में हमें जमीनी हकीकत का पता चले। 41 हजार से अधिक लोगों ने इस सर्वे में हिस्सा लेकर हमें जमीनी हकीकत से रूबरू कराया है। अब इसी के अनुसार अपनी रणनीति को बनाएंगे।
प्रश्न : इस सर्वे में प्रदेश में कुल कितनी जगह संवेदनशील मिली हैं?
उत्तर : सर्वे के अनुसार, हमने प्रदेश भर में 118 जगहों को चयनित किया है, जिन्हें हम छेड़छाड़ के लिए संवेदनशील मान रहे हैं। इन्हीं संवेदनशील इलाकों पर सबसे पहले काम किया जाएगा।
प्रश्न : छेड़छाड़ की घटनाओं पर कैसे लगाम लगाएंगे?
उत्तर : पुलिस पेट्रोलिंग लगातार चलेगी। इसके अलावा सादी वर्दी में कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने की योजना है और होर्डिंग के जरिये भी छात्राओं को जागरूक किया जाएगा।