चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग ने मंगलवार को डेमोक्रेटिक सिटिजनशिप: द क्वेश्चन ऑफ बेलॉन्गिंग विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया। कार्यक्रम समाजशास्त्र विभाग के सहयोग से हुआ। इसमें कनाडा ऑटावा की सेंट पॉल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेश सी शुक्ला ने व्याख्यान दिया। डॉ. शुक्ला ने लोकतांत्रिक नागरिकता की दार्शनिक नींव, विविध समाजों के नागरिकों की जुड़ाव की भावना और अधिकार, समावेशन, नागरिक जिम्मेदारी के बीच बनने वाले संतुलन को विस्तार से समझाया। उन्होंने विभिन्न देशों के उदाहरणों और आधुनिक सामाजिक चुनौतियों के माध्यम से बताया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं किस तरह नागरिकों में जुड़ाव की भावना को मजबूत कर सकती हैं।
कार्यक्रम में दर्शनशास्त्र और समाजशास्त्र विभाग के अलावा अन्य विषयों के शिक्षक, शोधार्थी और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने नीतिगत प्रभाव, बहुसंस्कृतिवाद और जमीनी स्तर पर नागरिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल पूछे और चर्चा की। कार्यक्रम का इंटरडिसिप्लिनरी स्वरूप चर्चा को और समृद्ध बनाता रहा। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।