चंडीगढ़। सीबीआई की विशेष अदालत ने 321 करोड़ रुपये के इंडियन ओवरसीज बैंक घोटाले के एक आरोपी राकेश कंवर को कनाडा के टोरंटो जाने की अनुमति को लेकर दायर की याचिका को मंजूर कर लिया है। हालांकि अदालत की ओर से 50 लाख रुपये के श्योरिटी बॉन्ड जमा करने के साथ ही तय समय 22 अगस्त तक देश लौटने समेत अन्य शर्तों के साथ याचिका पर मंजूरी दी है। इसके तहत यह भी कहा गया है कि अभियुक्त तय अवधि की विस्तार की मांग नहीं करेगा। विशेष अदालत में सीबीआई बनाम अंशु मेहरा व अन्य के खिलाफ चल रहे केस में याचिकाकर्ता राकेश कंवर भी आरोपी है। सीबीआई ने सरकार को 321 करोड़ रुपये का चपत लगा नुकसान पहुंचाने के मामले में बैंक के तीन कर्मचारियों, तीन निजी कंपनियों के कर्मचारी और एक बिचौलिए के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
क्या कहा याचिका में
राकेश कंवर की ओर से कहा गया कि पंजाब इंश्योरेंस एजेंसी इंक कंपनी के साथ पिछले 10 साल से काम कर रहा है। याचिका में उसने बताया कि 31 जुलाई से 22 अगस्त तक व्यावसायिक यात्रा के लिए कनाडा के टोरंटो जाना चाहता है। इसी वर्ष 8 अगस्त को टोरंटो में आयोजित होने वाली वार्षिक बैठक में भाग लेना उसके लिए आवश्यक है। इस आयोजन के लिए उसके पास निमंत्रण भी आया है। इससे पहले भी अदालत उसे विदेश यात्रा की अनुमति दे चुकी है। पहले विदेश यात्रा के दौरान वह समय पर वापस आ गया था, ऐसे में उसे विदेश जानी की इजाजत दी जानी चाहिएं। हालांकि सीबीआई की ओर से याचिकाकर्ता की ओर से विदेश जाने को लेकर मांगी गई इजाजत का विरोध किया गया। सीबीआई ने याचिका के विरोध में कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर है। केस की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को मंजूरी दिए जाने पर वह वापस आने के बजाय फरार हो सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि याचिकाकर्ता आरोपी कारोबारी यात्रा करना चाहता है। उसकी इस समय अवधि के दौरान होने वाली यात्रा में अदालत में कोई तारीख तय नहीं है। इसलिए अगर अभियुक्त विदेश यात्रा में जाना चाहता है तो उसे शर्तों के साथ इसकी अनुमति दी जा सकती है।
इन शर्तों को करना होगा पूरा
-आरोपी को 50 लाख रुपये की एफडीआर अदालत के नाम से जमा करनी होगी।
-अभियुक्त अभियोजन पक्ष के साक्ष्य के साथ किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं करेगा।
-अभियुक्त अवधि विस्तार की मांग नहीं करेगा और 22 अगस्त तक देश लौट आएगा।
-अभियुक्त को यात्रा के लिए प्राप्त निमंत्रण की कापी कोर्ट में पेश करनी होगी।
-इसके अलावा किसी अन्य देश की यात्रा नहीं करेगा