चंडीगढ़। जिला अदालत परिसर में दामाद की गोलियां मारकर हत्या करने वाले पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू को पुलिस ने रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर तीन दिन का रिमांड मांगा लेकिन दो दिन का ही रिमांड मंजूर हुआ। उधर, मृतक हरप्रीत सिंह का पोस्टमार्टम पीजीआई में हुआ, जहां शरीर में लगीं दो बुलेट निकाली गईं। हरप्रीत के पिता करनैल सिंह ने कहा कि उनके बेटे की हत्या में मालविंदर के अलावा कई अन्य लोग भी शामिल हैं। कहा कि चार-पांच दिन पहले मोहाली के एक डीएसपी ने हरप्रीत को फोन कर अकेले में मालविंदर से बातचीत के लिए मोहाली में बुलाया था लेकिन उस दिन वह नहीं जा सका अन्यथा उनके बेटे की उसी दिन हत्या हो सकती थी। आरोपी ने उनके बेटे और उन पर बहू से मारपीट व दहेज के अलावा गर्भपात करवाने के झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज करवाया था जबकि लड़की पक्ष के लोग खुद ही अपनी बेटी को बिना बताए उनके घर से लेकर गए थे। अब योजना के मुताबिक उनके बेटे की हत्या की गई है। वह चाहते हैं कि इस मामले में सीबीआई जांच हो क्योंकि उन्हें चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं है।
बता दें कि सिद्धू की बेटी डा. अमितोज कौर की शादी वर्ष 2020 में तलाकशुदा आईसीएएस अधिकारी हरप्रीत सिंह से हुई थी। शादी के दो-ढाई महीने बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। लड़की पक्ष ने ससुराल पक्ष पर मारपीट व दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मोहाली में केस दर्ज करवा दिया। वर्ष 2023 में हरप्रीत ने अमितोज कौर से तलाक के लिए केस दायर किया लेकिन वह कनाडा चली गई थी। ऐसे में मालविंदर ही उसके केस की पैरवी कर रहा था। शनिवार को दोनों पक्ष बातचीत के लिए पारिवारिक न्यायालय पहुंचे थे, जहां मालविंदर ने दामाद की गोलियां मारकर हत्या कर दी। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल उसकी खुद की है और लाइसेंसी पिस्टल है। लाइसेंस घर पर रखा हुआ है। पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष दलील दी कि आरोपी की पिस्टल का लाइसेंस कब्जे में लेकर उसकी जांच करनी है और पता करना है कि वह पिस्टल लेकर किस रास्ते से अदालत में पहुंचा था और हत्या की योजना में अन्य कौन-कौन शामिल थे। वहीं, सूत्रों के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति के पास लाइसेंसी पिस्टल भी है तो वह उसे अपने राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में लेकर नहीं जा सकता है।