नगर निगम ने अपने सभी बड़े भवनों पर सोलर पैनल लगाने का फैसला किया है। इससे जो भी बिजली पैदा होगी, उसे ग्रिड को दिया जाएगा। नगर निगम की कोशिश है कि वर्तमान वित्त वर्ष में भवनों पर सोलर पैनल लगाने का काम शुरू कर दिया जाए।नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि सभी बड़ी भवनों पर सोलर पैनल लगाने से बिजली की काफी बचत होगी। वर्तमान वित्त वर्ष के बजट में ही इस परियोजना के लिए बजट रखा है, इसलिए कोशिश है कि वित्त वर्ष में ही काम पूरा कर लिया जाएगा।
यह सोलर पैनल नगर निगम के सभी बड़े भवनों के साथ गोशाला, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्र समेत सभी कम्युनिटी सेंटर व अन्य इमारतें पर लगाए जाएंगे। इन सोलर पैनल से जो अतिरिक्त बिजली पैदा होगी, उसे ग्रिड को दिया जाएगा। निगम के इस फैसले से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन द्वारा तय किए लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।
बता दें कि प्रशासन ने दिसंबर महीने तक सोलर से 75 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। प्रशासन ने पहले ही 500 गज के घरों के लिए छतों पर सोलर पैनल लगाना अनिवार्य किया था। इस कारण शहर देश के केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा सोलर ऊर्जा उत्पन्न करने वाला प्रदेश बन गया है। यहां पर अभी लगभग 64 मेगावाट सोलर ऊर्जा की क्षमता वाले सोलर पैनल लगे हुए हैं। प्रशासन ने 2025 तक 100 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा है।