चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा आवश्यक है। हिमाचल में एशियन विकास बैंक की सहायता से 1311 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास योजना शुरू की जा रही है। योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए मीडिया का सहयोग अपेक्षित है। सुक्खू शनिवार को चंडीगढ़ में दि कॉन्फेडेरेशन ऑफ न्यूज पेपर्स एंड न्यूज एजेंसीज इंप्लॉइज आर्गेनाइजेशन द्वारा ‘चेलेंजिज बिफोर प्रिंट मीडिया’ विषय पर आयोजित सत्र को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के वर्तमान समय में प्रिंट मीडिया विस्तृत जानकारी प्रदान करने और लोगों के मीडिया पर विश्वास को कायम रखने में विशेष रूप से सफल रहा है। हिमाचल में पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना प्रदेश सरकार के विचाराधीन है। सामाजिक रूप से सुरक्षित पत्रकार सदैव अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर पंचवर्षीय योजनाओं के लाभ जनमानस तक पहुंचाने और कल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी से लोगों को लाभान्वित करने में प्रिंट मीडिया की सराहनीय भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में सूचना के आदान-प्रदान में समाचार पत्रों का अहम योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने समाज के उपेक्षित एवं वंचित वर्गों के लिए अनेक नवीन योजनाएं शुरू की हैं।
हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि पत्रकार का कार्य आज के समय में पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, रुचिका खन्ना, समाचार पत्र एवं न्यूज एजेंसी कर्मचारी संगठन परिसंघ के महासचिव एमएस यादव और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
मीडिया के सहयोग से लक्षित वर्गों तक पहुंच रहीं योजनाएं
उन्होंने कहा कि मीडिया केे सहयोग से सरकार की योजनाएं न केवल समय पर लक्षित वर्गों तक पहुंच रही हैं, बल्कि मीडिया द्वारा समय समय पर प्रदत्त फीडबैक से यह योजनाएं और बेहतर भी बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास कर रही है। राज्य सरकार पर्यावरण मित्र उद्योग स्थापित करने के लिए कृतसंकल्प है। राज्य में जलविद्युत के समुचित दोहन तथा पर्यटन क्षेत्र के पूर्ण विकास पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना सहित राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल, ग्रीन एनर्जी के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।